अभिभावकों को भी करनी होगी घोषणा, रैगिंग गतिविधि में शामिल नहीं होगा हमारा बच्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कॉलेजों में एडमिशन प्रक्रिया के साथ इस बार एंटी रैगिंग नियमों को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि एंटी रैगिंग अंडरटेकिंग के बिना किसी भी छात्र का दाखिला कन्फर्म नहीं होगा। इसके साथ ही ड्रग्स जैसे प्रतिबंधित पदार्थ न इस्तेमाल करने के लिए भी एक फॉर्म भरना होगा।
जिले के सभी सरकारी, निजी और एडेड कॉलेजों के साथ निजी विश्वविद्यालयों में भी यह नियम अनिवार्य रूप से लागू रहेगा। जिले में करीब 8 सरकारी कॉलेज, एक सरकारी यूनिवर्सिटी, तीन से चार निजी कॉलेज और 2 प्राइवेट यूनिवर्सिटी संचालित हैं।
ऐसे में हजारों नए विद्यार्थियों के प्रवेश को देखते हुए विभाग ने इस बार सुरक्षा और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया है। पिछले वर्षों में रैगिंग से जुड़े मामलों और शिकायतों को देखते हुए विभाग ने ऑनलाइन अंडरटेकिंग प्रणाली को और सख्त बनाया है।
छात्र और अभिभावक दोनों को करनी होगी घोषणा
दाखिले के दौरान छात्रों को ऑनलाइन पोर्टल पर एंटी रैगिंग अंडरटेकिंग भरनी होगी। इसके साथ अभिभावकों को भी अलग से घोषणा करनी होगी कि उनका बच्चा किसी प्रकार की रैगिंग गतिविधि में शामिल नहीं होगा। इस प्रक्रिया में छात्र को अपना नाम, कोर्स, कॉलेज, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी।
इसके बाद ऑनलाइन शपथ पत्र अपलोड करना होगा। कई कॉलेजों में इसकी हार्ड कॉपी भी जमा कराई जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया इसलिए जरूरी की गई है ताकि कॉलेजों में नए विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके। खासकर हॉस्टल और कैंपस में रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है।
ड्रग्स के खिलाफ भी रहेगी सख्ती
जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी रितिका गुप्ता ने बताया कि इसके अलावा ड्रग्स जैसे प्रतिबंधित पदार्थों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रत्येक विद्यार्थी को एक एफिडेविट फॉर्म भरकर विद्यालय में जमा करना होगा। जिसमें यह लिखा होगा कि बच्चा किसी भी तरह के प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन नहीं करेगा। इसमें माता पिता के हस्ताक्षर भी आवश्यक होंगे।