तालाब निर्माण, सुरक्षा दीवार और रेस्क्यू बोट से निचले इलाकों को राहत देने की योजना शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। यमुना का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार पहले से ही सतर्क रुख अपनाते हुए बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए तीन स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। हर साल बरसात के मौसम में निचले इलाकों में पानी भरने और गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की समस्या सामने आती रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस बार स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
पहले स्तर के तहत नंगला माजरा चांदपुर गांव में करीब 15 एकड़ जमीन पर बड़े तालाब का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इस तालाब का मकसद बारिश के अतिरिक्त पानी और यमुना के बढ़ते जल को रोककर आसपास के इलाकों में फैलने से बचाना है। अधिकारियों का कहना है कि यह तालाब न केवल जलभराव को कम करेगा बल्कि भविष्य में पानी के बेहतर प्रबंधन में भी मददगार साबित होगा। खास बात यह है कि इस योजना से आसपास के खेतों और घरों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो हर साल पानी भरने से प्रभावित होते हैं।
दूसरे स्तर पर यमुना किनारे बसे संवेदनशील गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। छांयसा, मोहना और घुरासन जैसे गांवों में करोड़ों रुपये की लागत से स्टोन स्टड और करीब 1.1 किलोमीटर लंबी मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू किया जा रहा है। इन इलाकों में पहले भी बाढ़ का खतरा बना रहता है और कई बार पानी गांवों तक पहुंच चुका है। ऐसे में यह दीवार पानी के बहाव को नियंत्रित करने और गांवों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
तीसरे स्तर पर प्रशासन ने रेस्क्यू और राहत कार्यों को मजबूत करने पर जोर दिया है। इसके तहत 15 फीट लंबी एल्युमीनियम की नाव पहले से तैयार रखी जाएंगी ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इन नाव के जरिये जलभराव या बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही राहत टीमों को भी मौके पर तेजी से काम करने में मदद मिलेगी। पूरी रणनीति का फोकस मानसून से पहले सभी तैयारियों को पूरा करना है, ताकि किसी भी स्थिति में लोगों को समय पर मदद मिल सके और नुकसान को कम किया जा सके।
मानसून से पहले पूरा होगा काम
प्रशासन का साफ लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएं। तालाब, सुरक्षा दीवार और रेस्क्यू व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकेंगे, जिससे नुकसान को कम किया जा सकेगा।
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इन तैयारियों से बाढ़ और जलभराव की समस्या कम होगी, लोगों को समय पर राहत मिलेगी और निचले इलाकों में रहने वालों को सीधा फायदा पहुंचेगा। - गौरव कार्यकारी अभियंता,एफएमडीए