पत्नी के मोबाइल नंबर से जुड़ी व्हाट्सएप कॉल बनी सबूत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने रंगदारी मांगने और फायरिंग के मामले में आरोपी कमल भड़ाना की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जांच में व्हाट्सएप कॉल से जुड़े तकनीकी साक्ष्य आरोपी की भूमिका की ओर प्रथम दृष्टया इशारा करते हैं।
साथ ही एफएसएल रिपोर्ट लंबित है और आरोपी के खिलाफ 19 अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। अदालत के आदेश के अनुसार, 27 अप्रैल 2025 की रात सारण थाना क्षेत्र की न्यू जनता कॉलोनी में शिकायतकर्ता यश अरोड़ा के घर के मुख्य गेट पर दो युवकों ने पहुंचकर गाली-गलौज की और फायरिंग कर दी थी। इससे पहले शिकायतकर्ता के पिता पवन अरोड़ा को व्हाट्सएप कॉल के जरिए रंगदारी नहीं देने पर गोली मारने की धमकी दी गई थी। घटना के बाद 27 अप्रैल 2025 को सारण थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने धमकी देने में इस्तेमाल व्हाट्सएप कॉल के आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर की जांच की। पुलिस के अनुसार, संबंधित नंबर कमल भड़ाना की पत्नी मिथलेश के नाम पर पंजीकृत मोबाइल नंबर से जुड़ा मिला। पुलिस का आरोप है कि कमल भड़ाना और सह-आरोपी रितिक उर्फ रंकित ने मिलकर पवन अरोड़ा को धमकी देकर रंगदारी मांगने की साजिश रची थी। अदालत ने आदेश में कहा कि मामले में पवन अरोड़ा का मुख्य परीक्षण आंशिक रूप से हो चुका है, जबकि धमकी भरी बातचीत वाली पेन ड्राइव की एफएसएल रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। साथ ही आरोपी 19 अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में भी संलिप्त बताया गया है। इन परिस्थितियों में अदालत ने 23 जुलाई को कमल भड़ाना की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।