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Faridabad News: फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाकर जमीन कब्जाने का आरोप, सीएम फ्लाइंग ने खंगाला रिकॉर्ड

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मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत के बाद जांच के लिए पहुंची टीम, जांच शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी


होडल। नगर परिषद कार्यालय में भूमाफिया के साथ मिलीभगत कर जमीनों पर फर्जी आईडी बनाने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में परिषद के अधिकारियों ने फर्जी आईडी बनाकर तीन लोगों की जमीन को एक व्यक्ति के नाम पर दिखा दिया। पीड़ित की शिकायत पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते (सीएम फ्लाइंग) की टीम मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय जांच करने पहुंची। सीएम फ्लाइंग की टीम ने कार्यालय में रिकॉर्ड खंगालने के बाद नायब तहसीलदार दलबीर सिंह दुग्गल, पटवारी मोहित, नगर परिषद सचिव नवीन पांडे के साथ मौके का मुआयना भी किया।

ये है पूरा मामला

नप अधिकारियों ने बाबरी मोड़ स्थित बुग्गा कॉलोनी में गांव सेवली निवासी महिला संतोष व कृष्णा कॉलोनी निवासी देशराज सहित बुग्गा कॉलोनी निवासी भूषण की जमीनों को मिलीभगत कर एक व्यक्ति की फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बना दी। जमीनों के फर्जीवाड़े की सूचना जब जमीनों के मालिकों को लगी तो उन्होंने मामले की शिकायत थाना पुलिस के अलावा मुख्यमंत्री नायब सैनी के कार्यालय को भेज दी। शिकायत में पीड़ित महिला संतोष ने कहा कि दाताराम नामक व्यक्ति ने कॉलोनी में स्थित उसके 232 वर्ग गज के प्लॉट की नगर परिषद कार्यालय से फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनवाकर अपने नाम पर दर्ज करवा ली। वहीं, राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उसके नाम पर रजिस्ट्री के अलावा रिकॉर्ड में उसका नामक पहले से ही दर्ज हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि पहले भी यह तीन चार प्लाॅटों की इसी प्रकार बिक्री कर चुका है। मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत पहुंचते ही मंगलवार को सीएम फ्लाइंग टीम में जांच करने नगर परिषद कार्यालय पहुंची। उड़नदस्ते की टीम के कार्यालय में पहुंचते ही हड़कंप मच गया। टीम में जांच अधिकारी सतवीर सिंह, सचिव नवीन पांडे के अलावा नायब तहसीलदार दलबीर सिंह दुग्गल व मोहित पटवारी शामिल रहे। टीम ने पीड़ित लोगों को मौके पर बुलाकर जांच शुरू कर दी है।
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पहले भी हो चुकी है भ्रष्टाचार की जांच

गौरतलब है कि नगर परिषद के अधिकारी स्पेशल कैटेगरी/कमर्शियल बेशकीमती जमीन का भू-माफिया के साथ मिलीभगत कर रेजिडेंशियल (आवासीय) कर सरकार व परिषद के बोर्ड को करोड़ों रुपये का नुकसान पहले भी लगा चुके हैं। इस मामले की जांच अभी चल ही रही है कि परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत का नया कारनामा उजागर हो गया है। शहर में खाली पड़े प्लॉटों की परिषद द्वारा फर्जी आईडी बनाने से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ हैं।
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जमीन की फर्जी प्रॉपर्टी आईडी बनाई गई है जिन्हें फिलहाल ब्लॉक करवा दिया गया है। मामले में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम जांच में लगी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ जानकारी दी जाएगी।
- दलबीर सिंह दुग्गल, नायब तहसीलदार, होडल
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