फरीदाबाद। वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक की शाखाओं में रुपये निकालने के लिए दूसरे दिन भी लोगों की लाइन लगी रही। सारे काम छोड़कर शनिवार को भी बैंक से पैसे लेने के लिए सुबह ही खाताधारक पहुंच गए। बैंक की सभी शाखाओं में अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। हालांकि व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों को बैंक की ओर से टोकन बांटे गए, मगर घटों लाइन में लगने के बावजूद लोगों को निराशा हाथ लगी। लोगों का आरोप है कि बैंक की तरफ से बाहर टोकन बांटे जाते हैं, अंदर हाथों-हाथ बड़े-बड़े लोगों के चेक क्लीयर हो रहे हैं। इस दौरान लोगों ने हंगामा भी किया।
यस बैंक की फरीदाबाद में तीन शाखाएं है। इनमें एक नीलम बाटा रोड, दूसरी सेक्टर-16 व तीसरी शाखा सेक्टर-21सी में है। इसके अलावा चार एटीएम है। शनिवार सुबह छह बजे से बैंकों के बाहर लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई। बैंक खुलने तक लोगों की अच्छी खासी भीड़ थी। मौके पर पुलिस कर्मी और सुरक्षा कर्मियों ने व्यवस्था का जिम्मा संभाला। सबसे पहले जिन लोगों को शुक्रवार को टोकन बांटे गए थे उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया। इसके बाद नए टोकन बांटे गए। ऐसे में बैंक में दिन भर पैसा निकालने वालों की लाइन लगी रही। जिन लोगों का ज्यादा पैसा है, वे चिंतित हैं। कैश काउंटर से पैसे की अदायगी करने वाले कर्मचारी व्यस्त रहे, जबकि बाकी स्टाफ दिन भर खाली बैठा रहा।
जिन ग्राहकों की एफडी है, वे पशोपेश में हैं कि उनका क्या होगा। बैंक में अव्यवस्था का आलम यह है कि नीलम बाटा रोड शाखा में शनिवार दिनभर में केवल 40 लोगों को ही भुगतान किया जा सका। बाकी लोगों को तीन दिन के टोकन बांट दिए गए। कुछ लोगों को सोमवार और कुछ को होली के बाद बैंक बुलाया गया है। जिन लोगों ने ऑनलाइन किसी को पैैसे ट्रांसफर किए। उन्हें 50 हजार की रकम भी मार्च में की गई ट्रांजेक्शन से काट कर दी जा रही है। इससे लोग बेहद परेशान हैं।
बैंक में कैश वितरण के लिए केवल दो काउंटर
यस बैंक अपने खाताधारकों को कैश वितरण के नाम पर सहूलियत देने की बड़ी-बड़ी बातें कर रहा है, मगर बैंक की सेक्टर-16 कॉरपोरेट ब्रांच और नीलम बाटा रोड स्थित ब्रांच में अव्यवस्था देखने को मिली। बैंक के बाहर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं, लोग परेशान हैं। ऐसे में बैंक को अपने सभी कैश काउंटर खोल देने चाहिए। वहीं ब्रांचों में कैश वितरण के लिए केवल दो काउंटर ही चालू है। इन पर बेहद धीमी गति से कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
अंदर चल रहा चेक क्लीयरेंस का खेल
बैंक से कैश लेकर लौटे खाताधारक संजय, कैलाश, दीपक आदि ने बताया कि बैंक अधिकारी टोकन से अंदर प्रवेश दे रहे हैं, जबकि अंदर कैश काउंटर में पूंजीपतियों के चेक हाथों-हाथ पहुंच रहे हैं। इस कारण कैश वितरण में ज्यादा समय लग रहा है, अगर अंदर पूंजीपतियों के चेक का क्लीयरेंस बंद कर दिया जाए तो लोगों को लाइन में ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।