3 अप्रैल को साल 2025 की एफआईआर नंबर 22 में किया गया था गिरफ्तार
अब एफआईआर नंबर 23 में रिमांड पर लेकर की जा रही पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। वर्क ऑर्डर को रिवाइज कर लगभग 7 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जीवाड़े मामले में तत्कालीन क्लर्क और मौजूदा निरीक्षक नवीन रत्रा से एसीबी ने फिर से पूछताछ शुरू की है। एसीबी ने 3 अप्रैल को साल 2025 की एफआईआर नंबर 22 में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बृहस्पतिवार को एसीबी ने आरोपी को एफआईआर नंबर 23 में एक दिन के प्रोडक्शन रिमांड पर लिया। एसीबी थाना एसएचओ इंस्पेक्टर संतराम ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा।
एसीबी की टीम ने 12 अगस्त 2025 को 22 नंबर एफआईआर साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने और भ्रष्टाचार के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की थी। एसीबी के अधिकारी ने बताया कि इस केस में आरोप था कि मोहना रोड के लिए नगर निगम ने अलग-अलग विकास कार्यों के लिए साल 2018 में 8 वर्क ऑर्डर जारी किए। इन वर्क ऑर्डर की राशि लगभग 40 लाख रुपये थी। बाद में अधिकारियों व कर्मचारियों ने ठेकेदार सतबीर से मिलीभगत कर इन वर्क ऑर्डर की राशि को रिवाइज कर 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया था।
एसीबी की ओर से अगस्त 2025 में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसके बाद तत्कालीन लिपिक व मौजूदा निरीक्षक नवीन रत्रा समेत अन्य आरोपियों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत से इन्हें राहत नहीं मिली। शुक्रवार शाम एसीबी की टीम ने नवीन रत्रा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम नगर निगम भ्रष्टाचार को लेकर एसीबी की ओर से साल 2022, 2023 व 2025 में दर्ज की गई 5 एफआईआर में शामिल हैं।
एसीबी की ओर से दर्ज की गई साल 2025 की एफआईआर नंबर 23 में भी तत्कालीन क्लर्क नवीन रत्रा का नाम शामिल था। इस एफआईआर में आरोप है कि तिगांव रोड के विकास कार्यों के बिलों में फर्जीवाड़ा किया गया। इसमें आरोप है कि लगभग 75 लाख रुपये के वर्क ऑर्डरों की रकम को रिवाइज कर 12 करोड़ से अधिक के बिल बनाकर पेमेंट जारी कर दी गई। इसी मामले में अब आरोपी क्लर्क को प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।