3 अप्रैल को किया गया था गिरफ्तार, रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। वर्क ऑर्डर को रिवाइज कर फर्जीवाड़े मामले में तत्कालीन क्लर्क और मौजूदा निरीक्षक नवीन रत्रा को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। एक दिन के प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर एसीबी ने उससे पूछताछ की। शुक्रवार को अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। इसके बाद एसीबी ने उसे नीमका जेल पहुंचा दिया।
एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान केस से संबंधित कई तथ्यों के बारे में सवाल नवीन रत्रा से पूछे गए। इसमें कई अहम जानकारियां मिली हैं। इनके आधार पर अब केस की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
एसीबी की टीम ने 12 अगस्त 2025 को 22 नंबर एफआईआर साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने और भ्रष्टाचार के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की थी। एसीबी के अधिकारी ने बताया कि इस केस में आरोप था कि मोहना रोड के लिए नगर निगम ने अलग-अलग विकास कार्यों के लिए साल 2018 में 8 वर्क ऑर्डर जारी किए। इन वर्क ऑर्डर की राशि लगभग 40 लाख रुपये थी। बाद में अधिकारियों व कर्मचारियों ने ठेकेदार सतबीर से मिलीभगत कर इन वर्क ऑर्डर की राशि को रिवाइज कर 40 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये से अधिक कर दिया था। 3 अप्रैल की शाम को एसीबी की टीम ने नवीन रत्रा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम नगर निगम भ्रष्टाचार को लेकर एसीबी की ओर से साल 2022, 2023 व 2025 में दर्ज की गई 5 एफआईआर में शामिल हैं।
एसीबी की ओर से बृहस्पतिवार को आरोपी नवीन रत्रा को साल 2025 की एफआईआर नंबर 23 में अदालत से एक दिन के प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। शुक्रवार को पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। इस एफआईआर में आरोप है कि तिगांव रोड के विकास कार्यों के बिलों में फर्जीवाड़ा किया गया। लगभग 75 लाख रुपये के वर्क ऑर्डरों की रकम को रिवाइज कर 12 करोड़ से अधिक के बिल बनाकर पेमेंट जारी कर दी गई।