लावारिस कुत्तों से परेशान सफाई कर्मचारी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। लावारिस कुत्तों को पड़ोस में रहने वाला एक व्यक्ति खाना खिलाता था। जिसके चलते वह उसी के घर पर रहते थे। वहीं कुत्ते उसके घर के बाहर खड़ी स्कूटी की सीट को फांड देते थे। इस बारे में उसने कई बार मालिक को कहा कि वह कुत्तों को बांध कर रखे। लेकिन मालिक ने ऐसा नहीं किया। जिसके चलते उसने इसकी शिकायत पुलिस से लेकर नगर निगम में की। शिकायत करने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसी से हताहत होकर शुक्रवार की सुबह सफाई कर्मचारी ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना एसजीएम नगर पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कल्याणपुरी निवासी जगन (50) नगर निगम में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। उसने बताया कि उनके घर के सामने एक व्यक्ति रहता है जो कि गली में रहने वाले लावारिस कुत्तों को खाना-पानी देता है और वह कुत्ते उसकी घर पर ही सोते व रहते हैं। उन कुत्तों ने कई बार उसकी स्कूटी की सीट को फाड़ दिया।
जिसको लेकर उसने पड़ोसी व्यक्ति को कहा कि इन कुत्तों को बांध कर रखे। पड़ोसी व्यक्ति की ओर से कोई सुनवाई नहीं होने पर उसने इसकी मौखिक तौर पर एनआईटी 3 नंबर पुलिस पुलिस चौकी में भी शिकायत दी। इसके बाद उस पड़ोसी व्यक्ति ने उसकी स्कूटी का कवर बदलवा दिया। कुछ दिनों के बाद दोबारा से कुत्तों ने उनकी स्कूटी की सीट का कवर फाड़ दिया। जिसके बाद 26 मई को मृतक जगन ने लिखित तौर पर पुलिस और नगर निगम में लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए शिकायत दी।
शिकायत देने के बावजूद भी नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पुलिस की ओर से सिपाही कर्मचारी ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की और उसकी रिपोर्ट सबमिट कर दी। इस दौरान तीसरी बार लावारिस कुत्तों ने उसकी स्कूटी की सीट का कवर फाड़ दिया। इसको लेकर उसने पड़ोसी के साथ-साथ नगर निगम को कहा, लेकिन कहीं पर भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार की सुबह उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना एसजीएम नगर पुलिस ने आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस की ओर से शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।