गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और बूचड़खाने बंद करने की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। ऊंचा गांव स्थित जामा मस्जिद में ईद-उल-अजहा के मौके पर इस बार एक अलग और अनोखी पहल देखने को मिली। मस्जिद में ईद की नमाज अदा करने के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग हाथों में बैनर लेकर बाहर निकले और उन्होंने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई।
इस दौरान लोगों ने देशभर में चल रहे बूचड़खानों को बंद करने की भी अपील की। इस दौरान लोगों ने भाईचारा, आपसी सौहार्द और देश में शांति बनाए रखने का संदेश दिया। भीड़ ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हुए समाज में एकता और सद्भाव का वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
नमाज के बाद स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था का प्रतीक है और सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना था कि देश में प्रेम और भाईचारे का माहौल बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि सामाजिक ताना-बाना मजबूत रहे और किसी प्रकार का तनाव पैदा न हो।
इस अवसर पर मौलवी जमालुद्दीन ने कहा कि बकरा ईद केवल कुर्बानी का पर्व नहीं है, बल्कि यह प्रेम, त्याग और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सुबह बड़ी संख्या में लोग मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे और सभी ने अपने परिवार की खुशहाली, देश में अमन-चैन और शांति की दुआ मांगी। उन्होंने आगे कहा कि असली कुर्बानी इंसान को अपने अंदर की बुराइयों, नफरत और गलत सोच की देनी चाहिए। मौलवी ने समाज से अपील की कि सभी लोग मिलजुलकर रहें और आपसी भाईचारे को मजबूत करें।