करोड़ों की परियोजना से बिजली आपूर्ति होगी ज्यादा भरोसेमंद, उद्योगों और आबादी को सीधा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक विस्तार और तेजी से बढ़ती आबादी के दबाव से जूझ रहे फरीदाबाद के बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) शहर के 66 केवी ए-2 (बाटा फ्लाईओवर के पास) सब-स्टेशन पर आधुनिक कंट्रोल रूम बिल्डिंग तैयार करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य बिजली आपूर्ति की निगरानी और संचालन को अधिक सक्षम, तेज और भरोसेमंद बनाना है। वहीं अब निगरानी ठीक से होने के साथ फॉल्ट को तुरंत ठीक किया जा सकेगा।
फरीदाबाद हरियाणा का प्रमुख औद्योगिक जिला है जहां करीब 25 हजार से अधिक लघु, मध्यम और बड़े उद्योग संचालित हैं। इसके साथ ही जिले की आबादी 20 लाख के आसपास पहुंच चुकी है। ग्रेटर फरीदाबाद, एनआईटी, बल्लभगढ़ और आसपास के इलाकों में तेजी से बसावट बढ़ने के कारण बिजली की मांग हर साल औसतन 8 से 10 प्रतिशत तक बढ़ रही है। गर्मियों के पीक सीजन में शहर का बिजली लोड 2000 मेगावाट के करीब पहुंच जाता है जिससे मौजूदा सिस्टम पर दबाव साफ दिखाई देता है।
पुराना सिस्टम बना चुनौती, बार-बार सामने आई दिक्कतें
पिछले कुछ वर्षों में शहर के कई इलाकों में ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग और फॉल्ट की शिकायतें सामने आती रही हैं। खासकर औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली बाधित होने से उत्पादन प्रभावित होता है वहीं रिहायशी इलाकों में लोगों को लंबे समय तक कटौती झेलनी पड़ती है। पुराने कंट्रोल सिस्टम में मैन्युअल हस्तक्षेप अधिक होने के कारण छोटी समस्या भी कई बार बड़े व्यवधान का रूप ले लेती है।
हाईटेक कंट्रोल रूम से बदलेगा निगरानी सिस्टम
ए-2 सब-स्टेशन पर बनने वाला नया कंट्रोल रूम सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यक्षमता को अपग्रेड करने वाला केंद्र होगा। इसके जरिये बिजली आपूर्ति की रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी, जिससे किसी भी फॉल्ट या तकनीकी गड़बड़ी का तुरंत पता लगाकर उसे जल्दी ठीक किया जा सकेगा। ऑटोमेशन बढ़ने से मानवीय त्रुटियों में भी कमी आएगी।
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा पर खास फोकस
प्रस्तावित कंट्रोल रूम में उन्नत इलेक्ट्रिकल सिस्टम, इमरजेंसी लाइटिंग और सुरक्षित बैटरी रूम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बैटरी रूम को एसिड-प्रूफ टाइल्स से तैयार किया जाएगा ताकि लंबे समय तक संरचना सुरक्षित रहे। निर्माण के दौरान भी मौजूदा बिजली ढांचे को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जिससे आपूर्ति प्रभावित न हो।
उद्योगों को स्थिर बिजली, आम लोगों को राहत
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा शहर के लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा। बेहतर मॉनिटरिंग और त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम के कारण बिजली कटौती की घटनाएं कम होंगी। औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली मिलने से उत्पादन में स्थिरता आएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। वहीं रिहायशी इलाकों में लोगों को गर्मी के मौसम में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अहम पहल
फरीदाबाद में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, नई हाउसिंग सोसाइटी और औद्योगिक विस्तार के चलते आने वाले वर्षों में बिजली की मांग और बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते ट्रांसमिशन और मॉनिटरिंग सिस्टम को अपग्रेड करना जरूरी है। ए-2 सब-स्टेशन का यह प्रोजेक्ट शहर के बिजली ढांचे को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आने वाले 50 से 60 सालों की जरूरतों को देखते हुए कंट्रोल रूम तैयार किया जा रहा है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की समस्या न आए। -
संदीप गुलिया, कार्यकारी अभियंता डीएचवीपी