आज नेहरू कॉलोनी पुलिया से विधायक धनेश अदलखा के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नेहरू कॉलोनी समेत शहर की कई बस्तियों में मकानों को तोड़ने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में रविवार को सैकड़ों लोगों ने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवासीय कार्यालय तक मार्च निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संघर्ष समिति ने घोषणा की कि 6 जुलाई की शाम पांच बजे नेहरू कॉलोनी पुलिया से विधायक धनेश अदलखा के कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला जाएगा।
नेहरू कॉलोनी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित आंदोलन में नेहरू कॉलोनी के अलावा कल्याणपुरी, राहुल कॉलोनी, आदर्श नगर, बापू नगर, एसी नगर, इंदिरा कॉलोनी, जीवन नगर और राम नगर सहित कई बस्तियों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शन से पहले बड़खल चौक पर सभा आयोजित की गई जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों और संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।
15 जून से जारी है आंदोलन
संघर्ष समिति के अनुसार नेहरू कॉलोनी के 300 से अधिक मकानों सहित अन्य बस्तियों में तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में 15 जून से लगातार धरना, रैली और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि इन कॉलोनियों में कई परिवार दशकों से रह रहे हैं और अधिकांश लोगों के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, फैमिली आईडी, बीपीएल कार्ड तथा बिजली कनेक्शन जैसे सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना था कि बिना समुचित पुनर्वास के लोगों को बेघर करना उचित नहीं होगा।
सभा को सीटू के प्रदेश महासचिव जयभगवान, जिला प्रधान निरंतर पराशर, जिला सचिव सुधा, उपप्रधान रवि, विजय झा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रधान नवल सिंह, संघर्ष समिति के चेयरमैन बिजेंद्र सिंह, संयोजक वीरेंद्र डंगवाल समेत कई लोगों ने संबोधित किया।
मंत्री के प्रतिनिधि ने लिया ज्ञापन
सभा के बाद प्रदर्शनकारी बड़खल चौक से केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के आवासीय कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। संघर्ष समिति के अनुसार मंत्री के प्रतिनिधि ने बताया कि केंद्रीय मंत्री से बातचीत के बाद फिलहाल कॉलोनी में मकान नहीं तोड़े जाएंगे। साथ ही जिन लोगों के मकान पहले टूट चुके हैं, उनके लिए मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया।
समिति का यह भी कहना है कि बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि पेयजल और सार्वजनिक शौचालयों की समस्या के समाधान के लिए सोमवार सुबह संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया गया है।