पांडवकालीन मंदिर में भव्य दरबार, भंडारे और भक्तिमय माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। नवरात्रों के पावन अवसर पर मोहना स्थित पांडवकालीन कालका माता मंदिर में अष्टमी के दिन आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और माता रानी के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालु माता के दरबार में नतमस्तक हुए और अष्टमी का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया था और माता रानी का शृंगार देखते ही बनता था। भक्तों ने कतारबद्ध होकर माता के दर्शन किए और मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और भजनों की गूंज ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। अष्टमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन भी किया, जहां प्रसाद ग्रहण करने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं। सेवा भाव से जुड़े भक्तों ने स्वयं प्रसाद वितरण कर धार्मिक माहौल को और अधिक गरिमामय बना दिया।
इस अवसर पर मेले का भी आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों से लेकर बाहर से आए आगंतुकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मेले में आए हुए बच्चों और महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया। वहीं, भक्तों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए गए।