-कई गांवों का संपर्क टूटा, मची अफरातफरी, पुल के पुनर्निर्माण की उठी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। नूंह जिले के नगीना क्षेत्र के बनारसी गांव में ड्रेन के ऊपर बना करीब 40 वर्ष पुराना पुल अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे आसपास के कई गांवों का आपसी संपर्क पूरी तरह टूट गया है। बृहस्पतिवार को पुल ढहने की घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गनीमत रही कि हादसे के समय पुल पर कोई भारी वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
यह पुल बलई, बदरपुर, पिनगवां, सिकरावा, होडल और पलवल सहित अनेक गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग था। पुल ढहते ही इन गांवों की आवाजाही बाधित हो गई और लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार अब उन्हें करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।स्थानीय ग्रामीण अजरुद्दीन, आमिर खान, अरमान, वकील अहमद, आदिल, हुजैफा, जुनैद खान, असलम, रज्जाक, मकसूद और हक्कू समेत अन्य लोगों ने बताया कि पुल कई वर्षों से जर्जर हालत में था। कई बार संबंधित विभाग को इसकी मरम्मत के लिए शिकायत भी दी गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी के कारण पुल की संरचना कमजोर होती चली गई और आखिरकार वह ढह गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय पर रखरखाव और मरम्मत की जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द पुल के पुनर्निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक नया पुल नहीं बन जाता, तब तक अस्थायी पुल या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
पुल ढहने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। बच्चों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। इससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
- मकसूद।
किसानों को अपनी फसल और सामान मंडियों तक पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। व्यापारियों और मजदूरों के कामकाज पर भी असर पड़ा है।
- रज्जाक
आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। एंबुलेंस और अन्य राहत वाहनों को अब वैकल्पिक मार्ग से जाना पड़ रहा है, जिससे समय पर इलाज मिलने में देरी की आशंका बढ़ गई है।
- जुनैद खान।
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वाहनों की आवाजाही बंद होने से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां भी सुस्त पड़ गई हैं। छोटे दुकानदारों और व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ है।
-असलम
इस संबंध में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता आफताब अहमद ने बताया कि बनारसी गांव में ड्रेन का पुल टूटने की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को मौके पर भेज दिया गया है। एसडीओ और जेई सहित अन्य कर्मचारी स्थिति का आकलन कर रहे हैं और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित हादसे से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। पुल की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है तथा आदेश मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।