जल्द ही पुराने भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में बनने वाले मातृ-शिशु (एमसीएच) यूनिट के लिए जल्द ही पुराने भवन को तोड़कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर पीडब्ल्यूडी की टीम तोड़फोड़ के लिए पैमाइश कर चुकी है। लगभग 64 करोड़ की लागत से सात मंजिल का 200 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा।
इसके बनने के बाद अस्पताल में आने वाले वर्षों में गर्भवतियों को दिल्ली रेफर नहीं किया जाएगा। बीके अस्पताल में वर्ष 2016 में एमसीएच बनाने की योजना तैयार की गई थी। उस समय 100 बेड की एमसीएच बनाने की योजना थी। प्रदेश सरकार से योजना को स्वीकृति मिलने के बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया था। इसके बाद 2021 में पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी रहते हुए योजना को नए सिरे से तैयार किया। उन्होंने 100 के स्थान पर 200 बेड बनाने की योजना को मंजूरी दिलाई थी। वहीं उस समय एमसीएच बीके अस्पताल के बीच खाली जगह में बनाने की योजना थी, लेकिन किन्हीं कारणों से योजना को पुराने बीके अस्पताल के भवन की जगह बनाने का फैसला किया।
बीके अस्पताल के एसएनसीयू में अभी तक 32 बेबी वार्मर हैं। एमसीएच में इनकी संख्या 100 से अधिक होगी। इसके अलावा अभी प्रीमैच्योर डिलीवरी वाली महिला को दिल्ली रेफर किया जाता है, लेकिन एमसीएच बनने के बाद प्रीमैच्योर सहित गंभीर हालत में आने वाले गर्भवतियों को दिल्ली रेफर नहीं किया जाएगा। अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर होगा। एमसीएच में एक बेसमेंट भी बनाया जाएगा।
वर्जन
पीडब्ल्यूडी की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं एमसीएच के निर्माण का बजट भेज दिया गया है। एमसीएच के लिए टीबी विभाग से लेकर पुराने बीके अस्पताल के भवन तक जर्जर भवन को तोड़ा जाएगा। - डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी