पीडब्ल्यूडी ने सड़क की विशेष मरम्मत, चौड़ीकरण और मजबूत निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया
4.70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पृथला विधानसभा क्षेत्र के गांव मोहना और आसपास के ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने मोहना-यमुना ब्रिज लिंक रोड के 1.30 किलोमीटर हिस्से को दुरुस्त करने की तैयारी की है। पीडब्ल्यूडी ने सड़क की विशेष मरम्मत, चौड़ीकरण और मजबूत निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। इस काम पर करीब 4.70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव के तहत सड़क के दोनों तरफ जल निकासी की पक्की व्यवस्था भी की जाएगी।
सात मीटर चौड़ा होगा कैरिजवे
मौजूदा सड़क कई जगहों पर जर्जर है और बारिश के दौरान जलभराव की समस्या रहती है। मोहना-यमुना ब्रिज बनने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे सड़क पर यातायात का दबाव भी बढ़ गया है। प्रस्ताव के अनुसार सड़क का कैरिजवे चौड़ा कर सात मीटर किया जाएगा। सड़क के दोनों तरफ कैरिजवे से जुड़े करीब 4.59 मीटर चौड़े हिस्से में 150 एमएम जीएसबी के ऊपर सीसीबी का निर्माण किया जाएगा। इससे सड़क के किनारों को भी मजबूती मिलेगी।
जल निकासी के लिए दोनों तरफ बनेगी ड्रेन
बारिश में सड़क पर पानी जमा न हो, इसके लिए दोनों तरफ साइड ड्रेन बनाई जाएंगी। इससे जलभराव कम होने के साथ सड़क को पानी से होने वाले नुकसान से भी बचाने में मदद मिलेगी। आसपास के ग्रामीण रास्तों पर पानी भरने की समस्या भी कम होने की उम्मीद है। सड़क सुरक्षा के लिए एडवांस डायरेक्शन और कौशनरी साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। इनमें रेट्रो रिफ्लेक्टिव शीटिंग का इस्तेमाल होगा। रोड मार्किंग के लिए हॉट एप्लाइड थर्मोप्लास्टिक पेंट और ग्लास बीड्स का प्रयोग किया जाएगा।
मोहना और आसपास के गांवों के लोगों के लिए यह सड़क स्थानीय आवागमन का अहम मार्ग है। एचएल ब्रिज से कनेक्टिविटी बढ़ने के बाद सड़क का महत्व और यातायात दोनों बढ़े हैं। ऐसे में चौड़ी और मजबूत सड़क के साथ दोनों तरफ ड्रेन बनने से ग्रामीणों, किसानों और रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को सबसे अधिक फायदा होगा। बारिश के दौरान जलभराव और सड़क टूटने की समस्या कम होने से आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद है।
मोहना-यमुना लिंक रोड को दुरुस्त करने की तैयारी की जा रही है। सड़क के चौड़ीकरण और मजबूत निर्माण से नागरिकों व वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी कम होगी। परियोजना पर करीब 4.70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
- रविंद्र सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग