अतिरिक्त मूल्य के भुगतान से जुड़े मामलों और पुराने वित्तीय विवादों को हो सकेगा निपटारा
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने वर्षों से लंबित आवंटियों के विवादों के समाधान के लिए ‘विवादों से समाधान योजना’ शुरू की है। योजना का मुख्य उद्देश्य अतिरिक्त मूल्य (एडिशनल प्राइस) के भुगतान से जुड़े मामलों में डिफॉल्टर आवंटियों को राहत देना है। साथ ही पुराने वित्तीय विवादों का निपटारा करना है।
योजना के तहत आवासीय प्लॉट, फ्लोर-वाइज पंजीकरण, ग्रुप हाउसिंग साइट, संस्थागत और औद्योगिक प्लॉट के पात्र आवंटियों को लाभ मिलेगा। इनमें वे आवंटी भी शामिल हैं, जो पहले लागू की गई योजनाओं का लाभ नहीं उठा सके थे। एचएसवीपी की नीति में निर्धारित नियमों और सिद्धांतों के आधार पर मामलों का समाधान किया जाएगा। योजना में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे पात्र आवंटियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और पुराने विवाद समाप्त किए जा सके।
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 930 डिफॉल्टर आवंटी इस योजना से लाभान्वित होंगे। यह संख्या प्रदेश के अन्य शहरों की तुलना में सबसे अधिक है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में योजना का लाभ नहीं लेने वाले डिफॉल्टर या बकायेदार आवंटियों के खिलाफ प्लॉट वापस लेने की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल 31 दिसंबर तक खुला रहेगा
पात्र आवंटी अपनी प्लॉट आईडी और पासवर्ड के माध्यम से एचएसवीपी के ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन कर निर्धारित छूट राशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल 31 दिसंबर 2026 तक खुला रहेगा। एचएसवीपी की इस पहल से लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे की उम्मीद है। साथ ही, आवंटियों और प्राधिकरण के बीच चल रहे वित्तीय विवादों को समाप्त करने का रास्ता भी साफ होगा।