सत्ता संग्राम : हर मोर्चे पर निष्पक्ष-पारदर्शी चुनाव कराने को मजबूती
फरीदाबाद। लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए जिन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, वे चुनाव आयोग की हिदायत और निर्देश के मुताबिक कार्य करें, यह बात हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव रंजन ने लघु सचिवालय में कहीं। वह फरीदाबाद मंडल के तहत आने वाले जिला निर्वाचन अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी और चुनाव प्रक्रिया में लगे अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने बैठक में जिले में लोस चुनाव की तैयारियों की रिपोर्ट पेश की। बताया कि 31 जनवरी 2019 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। इसके आधार पर ही चुनाव होंगे। पलवल के जिला निर्वाचन अधिकारी मनीराम शर्मा और मेवात के जिला निर्वाचन अधिकारी पंकज ने भी अपने जिले की रिपोर्ट चुनाव आयुक्त के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी में लगे सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट और निरीक्षण अधिकारियों के वाहनों में जीपीएस लगा रहेगा ताकि चुनाव ड्यूटी की देखरेख अतिरिक्त सजगता के साथ की जा सके। बैठक में एडीसी धर्मेंद्र सिंह, पलवल के एडीसी सुरेंद्र सिंह, फरीदाबाद के एसडीएम सतबीर मान, वत्सल वशिष्ठ, त्रिलोक चंद, जितेंद्र कुमार, नगराधीश बेलीना, आशिमा सांगवान मंडल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सी विजिल एप की शिकायत 100 मिनट में सुलझाएंगे अधिकारी
सीईओ राजीव रंजन ने चुनाव आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 की भी जांच की। उन्होंने 1950 डायल कर इस टोल फ्री नंबर पर रिसीव हुई कॉल को भी जांचा। ट्विटर पर आई शिकायतें और उनके जवाब भी जांचे। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में पहली बार सी-विजिल एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रत्याशी अथवा राजनीतिक दल द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन करने की शिकायत कर सकता है। एप में इन-बिल्ट कैमरे से वीडियो या फोटो अपलोड कर शिकायत की जा सकती है, शिकायत की लोकेशन भी अपने आप अंकित हो जाएगी। इस शिकायत का निपटारा 100 मिनट के अंदर संबंधित अधिकारी को करना होगा। इस एप के माध्यम से की गई शिकायत में फोटो, वीडियो और लोकेशन होने के कारण प्रत्याशी या राजनैतिक दल के खिलाफ न्यायालय में मजबूत साक्ष्य भी तैयार होंगे।
मतदान के लिए 11 पहचान पत्र हैं मान्य
सीईओ राजीव रंजन ने कहा कि केवल मतदाता पर्ची होना ही मतदाता होने का प्रमाण नहीं है, मतदान के लिए पहचान पत्र होना जरूरी है। विकल्प के तौर पर 11 तरह के पहचान पत्र मतदान के लिए मान्य किए गए हैं। प्रदेश के सभी जिलों में टच स्क्रीन से मतदाताओं को वोट से संबंधित तमाम जानकारी सहजता से उपलब्ध हो पाएगी। इसके लिए प्रदेश भर में टच स्क्रीन स्थापित की जा रही हैं। इस स्क्रीन के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने नाम की हिंदी और अंग्रेजी में अक्षर डालकर अपने वोट, बूथ संख्या, बूथ की जगह, एपिक संख्या, एसेंबली संख्या, विधानसभा क्षेत्र सहित परिवार के सभी सदस्यों की वोट संबंधी जानकारी स्क्रीन पर प्राप्त कर सकेगा।
100 फीसदी वोटिंग कराने की तैयारी
सीईओ रंजन ने अधिकारियों से स्वीप गतिविधियां और तेजी से चलाए जाने की अपील की। उन्होंने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर काम करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा जिन पात्र व्यक्तियों के वोट अभी तक नहीं बने है, वे लोग 12 अप्रैल शाम 3 बजे तक इसके लिए जिला चुनाव कार्यालय में या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम चेक करने के प्रति जागरूक करने को कहा गया। जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल कुमार द्विवेदी ने बताया कि इसको प्रचारित करने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग लगवाने के साथ महाविद्यालय, विश्वविद्यालयों में मतदान साक्षरता क्लब को सक्रिय किया गया है। महाविद्यालयों के प्राचार्यों से एक प्रमाण पत्र भी लिया जाएगा कि उनके कॉलेज में 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी विद्यार्थी ऐसा नहीं है, जिसका वोट नहीं बना है।