फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीके सिविल अस्पताल मे पैनल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग

विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल अस्पताल के पैनल में शॉर्ट सर्किट, आग लगी
विज्ञापन


अफरातफरी मची, दो घंटे तक बिजली सप्लाई रही बाधित
गर्मी के मौसम में मरीजों-तीमारदारों को पानी भी नहीं मिला

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल के विद्युत सप्लाई पैनल में बुधवार सुबह शॉर्ट सर्किट के बाद आग लग गई। इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। गनीमत यह रही कि आग को अस्पताल कर्मचारियों द्वारा ही काबू कर लिया गया। हालांकि विद्युत पैनल में हुए शॉर्ट सर्किट से करीब दो घंटे तक अस्पताल में पावर सप्लाई पूरी तरह ठप रही। इससे न केवल अस्पताल की एकमात्र लिफ्ट रुक गई, बल्कि गर्मी के इस मौसम में मरीजों-तीमारदारों को पानी भी नहीं मिल सका।
बीके सिविल अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर कमरा नंबर-37 के पास फैमिली वेलफेयर प्लानिंग डिपार्टमेंट है। इसके बाद ही अस्पताल का विद्युत पैनल बना हुआ है। यहां से पूरे अस्पताल को बिजली सप्लाई होती है। बुधवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक इस पैनल में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। ग्राउंड फ्लोर पर ही मरीजों की ओपीडी लगती है। घटना के समय वहां काफी भीड़ थी। पैनल में हुए शॉर्ट सर्किट को देखकर मरीजों में अफरातफरी मच गई। पैनल के पास ही कुछ कचरा पड़ा हुआ था। इसे भी आग ने अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि मौके पर मौजूद अस्पताल कर्मचारियों ने मौजूदा अग्निरोधक यंत्रों के सहारे आग पर काबू पा लिया।
विज्ञापन

इस घटना के बाद करीब दो घंटे तक अस्पताल की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। तीन मंजिला अस्पताल की एकमात्र लिफ्ट भी इस घटना के बाद रुक गई। ऐसे में मरीजों को सीढ़ियों और रैंप का सहारा लेना पड़ा। इसके साथ ही अस्पताल में लगे वाटर कूलर आदि में पानी की सप्लाई भी रुक गई। ऐसे में मरीज और उनके साथ आए तीमारदारों को पानी भी नहीं मिल सका। लोगों को बोतलबंद पानी खरीदकर पीना पड़ा। पैनल ठीक होने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे अस्पताल की बिजली सुचारु हो सकी।
विज्ञापन


अस्पताल के विद्युत पैनल में अचानक शॉर्ट सर्किट से लगी आग के बाद अस्पताल की विद्युत सप्लाई बाधित हुई थी। जेनरेटर चलाकर आवश्यक विभागों में विद्युत आपूर्ति की गई। बाद में पैनल को दुरुस्त करा दिया गया। हालांकि करीब दो घंटे तक मरीजों को परेशानी हुई।
- बीर सिंह सहरावत, प्रधान चिकित्सा अधिकारी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें