आत्महत्या का प्रयास करने वाले कर्मचारी की उपचार के दौरान मौत
फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित क्यूआरजी अस्पताल में प्रबंधन की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले कर्मचारी की उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को मौत हो गई। मृतक के बच्चों व पत्नी को मुआवजा देने की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और शव लेने से इंकार कर दिया। देर शाम तक दोनों पक्षों में मामले को सुलझाने के लिए बातचीत चलती रही। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आर्थिक सहायता पर सहमति जताने के बाद ही परिजनों ने शव लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस ने पहले से दर्ज मामले को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा जोड़ दी है।
खेड़ीकला गांव निवासी सुखदेव सेक्टर-16 स्थित क्यूआरजी अस्पताल में ओटी इंचार्ज (ऑपरेशन थियेटर) के पद पर पिछले करीब दो साल से कार्यरत था। सेंट्रल थाना पुलिस को दी शिकायत में उनकी पत्नी रिंकू ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन लगातार उनको प्रताड़ित कर रहा था। उन्होंने इसकी चर्चा घर में की थी और आशंका जताई थी कि उन्हें कुछ भी हो सकता है। गत 6 जुलाई को वह ड्यूटी पर आए थे। इसके बाद शाम को डॉक्टर के चेंजिंग रूम में संदिग्ध हालत में बेहोश मिले थे। कर्मचारियों ने जब उन्हें ऐसी हालत में देखा तो उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया। उनकी पत्नी ने आरोप लगाया था कि अस्पताल प्रबंधन की प्रताड़ना से परेशान होकर ही उनके पति ने यह कदम उठाया। पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया था और जांच की जा रही थी।
मगर उपचार के दौरान बुधवार देर रात सुखदेव की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर उपचार के लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को शव लेने से इंकार कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर थाना सेंट्रल प्रभारी राजदीप मोर भी मौके पर पहुंच गए। देर शाम तक दोनों पक्ष आपसी तौर पर बातचीत करते रहे। शाम को अस्पताल प्रबंधन की ओर से आर्थिक सहायता पर सहमति जताने के बाद ही परिजनों ने शव लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। सेक्टर-16 प्रभारी ने बताया कि पहले से दर्ज मामले में आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा जोड़ दी गई है।