दोनों नाइजीरियन नागरिकों के शवों पर केमिकल लेप के लिए पीजीआई रोहतक भेजा
- लेप लगने के बाद शनिवार देर शाम या रविवार सुबह तक वापस लाया जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बीके सिविल अस्पताल के शवगृह में रखे दो नाइजीरियन नागरिकों के शवों में सड़न शुरू होने पर शनिवार सुबह उन्हें पीजीआई रोहतक भेजा गया। वहां दोनों शवों को सुरक्षित रखने के लिए केमिकल का लेप लगा उन्हें वापस लाया जाएगा। उम्मीद है कि शनिवार देर शाम या फिर रविवार सुबह तक वापस लाया जाएगा।
29 जून की रात देहरादून एक्सप्रेस में निजामुद्दीन से मुंबई जा रही नाइजीरियन महिला जॉन इक्बीनोसन लोगोस अचानक बेहोश हो गई थीं। उसे ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर उतारा गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। महिला के शव को उनके परिजनों को सौंपने या फिर अंतिम संस्कार की अनुमति के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) लगातार नाइजीरियन दूतावास से संपर्क कर रही है, मगर कोई जवाब नहीं मिला। इसी तरह 5 जून की रात ड्रग्स तस्कर माइकल चार्ल्स की पुलिस द्वारा काबू करने की कोशिश में उसकी ही पिस्तौल से गोली लगने से मौत हो गई थी। सूरजकुंड पुलिस उसके शव को ले जाने या अंत्येष्टि की अनुमति देने के लिए कई बार दूतावास से संपर्क कर चुके हैं। मगय इस मामले में भी पुलिस को कोई जवाब नहीं मिल रहा था। महिला का शव पिछले 23 दिनों से बीके अस्पताल के शवगृह में रखा था, जबकि चार्ल्स के शव को 16 दिन हो गए हैं। दोनों के शवों में सड़न शुरू होने से बदबू आनी शुरू हो गई थी।
इस पर बीके सिविल अस्पताल के प्रमुख डा. विरेंद्र यादव ने पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो व जिला उपायुक्त अतुल कुमार से मुलाकात कर इन दोनों के शवों को सुरक्षित रखने के लिए केमिकल का लेप लगवाने की अनुमति मांगी थी। अनुमति मिलने पर शनिवार को दोनों नाइजीरियन नागरिकों के शव लेप लगाने के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया है। डा. यादव ने बताया कि केमिकल लेप लगवाने के बाद दोनों के शवों को देर शाम तक या फिर रविवार सुबह तक वापस यहीं लाया जाएगा।