किल्लत के बीच मिली राहत, 135 किसानों की सूची बनाकर किया वितरण
जमीन की रजिस्ट्री के आधार पर किसानों को मिली खाद, कई किसान रहे वंचित
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। कई दिनों से खाद की कमी से जूझ रहे किसानों को सोमवार को उस समय कुछ राहत मिली, जब अनाज मंडी स्थित दी बल्लभगढ़ कोऑपरेटिव मार्केटिंग सोसाइटी लिमिटेड कृभको बीज भंडार केंद्र पर करीब 900 कट्टे एनएफएल और कृभको की खाद पहुंची। खाद आने की सूचना मिलते ही किसान सुबह करीब चार बजे से ही केंद्र पर पहुंचने लगे। किसानों ने अपनी तरफ से एक सूची तैयार की, जिसमें 135 किसानों ने नाम दर्ज करवाए। केंद्र खुलने के बाद सूची के अनुसार किसानों को नंबरवार खाद वितरित की गई। कुछ किसान ऐसे भी रहे, जिन्हें घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाद नहीं मिल सकी।
केंद्र सुबह करीब नौ बजे खुला। इसके बाद किसानों को जमीन की रजिस्ट्री के आधार पर खाद दी गई। कृभको के मैनेजर नरेंद्र ने बताया कि किसानों की ओर से बनाई गई सूची के अनुसार ही खाद का वितरण किया जा रहा है। जिस किसान के पास जितनी जमीन की रजिस्ट्री है, उसे प्रति एकड़ एक कट्टा खाद दी जा रही है।
निजी केंद्रों पर महंगे दाम में खाद मिलने का आरोप
किसानों ने निजी खाद केंद्रों पर मनमानी कीमत वसूलने का भी आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्र पर जिस खाद का निर्धारित मूल्य करीब 1350 रुपये है, वही निजी केंद्रों पर 2000 से 2100 रुपये तक में बेची जा रही है। इसी तरह सरकारी केंद्र पर यूरिया करीब 272 रुपये में मिल रहा है, जबकि निजी केंद्रों पर किसानों से इसके लिए 700 से 800 रुपये तक वसूले जाने का आरोप है। किसानों ने प्रशासन और सरकार से निजी केंद्रों की जांच कराने की मांग की है।
कोऑपरेटिव केंद्र के मैनेजर नरेंद्र ने बताया कि सोमवार को केंद्र पर करीब 900 कट्टे खाद पहुंचे। किसानों की ओर से तैयार की गई सूची के आधार पर नंबरवार वितरण किया जा रहा है। जमीन की रजिस्ट्री के अनुसार प्रति एकड़ एक कट्टा खाद दी जा रही है। इससे वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों से बात
सुबह नौ बजे खाद लेने केंद्र पर पहुंची थी। इसके बाद भी उन्हें खाद नहीं मिली।
- सावित्री, फतेहपुर बिल्लौच
सरकार को इसे गंभीरता से लेते हुए अधिक मात्रा में खाद उपलब्ध करानी चाहिए।
- चरण कौशिक, किसान