पीएलपीए के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
फरीदाबाद। पंजाब लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (पीएलपीए) में संशोधन के विरोध में बृहस्पतिवार को फरीदाबाद बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एलएन पाराशर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। वहीं कांत एन्क्लेव के मामले में भी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है।
पाराशर ने कहा कि अरावली मामले में प्रदेश सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है। खट्टर सरकार ने अरावली को तबाह करने के लिए अदालत में वकीलों की फौज खड़ी की है। इसके लिए उन्होंने हरियाणा सरकार को पार्टी बनाया है। इस बिल से प्राकृतिक संतुलन गड़बड़ा जाएगा, जिससे कई तरह की आपदाओं से आमजन प्रभावित होगा। स्वच्छ सांस लेने में परेशानी होगी। प्रदूषण बढ़ जाएगा। जीव-जंतु व पेड़-पौधे गायब हो जाएंगे। केवल इस बिल की बदौलत अरावली का अस्तित्व थोड़ा-बहुत बचा हुआ है। यदि यह बिल पास हुआ तो अरावली में निर्माणों की संख्या बढ़ेगी। पाराशर ने कहा कि देश की सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखला पर 400 से ज्यादा पेड़ पौधे और 200 से पक्षियों की प्रजातियां रहती हैं। अगर पीएलपीए लागू हो गया तो इनका अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। पाराशर ने कहा कि जो याचिका दायर की है उसमें मांग की है कि कांत एंक्लेव के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2018 में जो आदेश दिया था, उसके बाद जितने भी अवैध निर्माण हुए हैं, सबको ढहाया जाए और मालिकों पर अदालत की अवमानना का मामला दर्ज किया जाए।