छात्र संघ चुनाव को लेकर कॉलेजों में सरगर्मियां तेज
फरीदाबाद। चुनाव की घोषणा होने के साथ कॉलेज छात्रों में सरगर्मियां शुरू हो गई है। छात्र संगठनों ने कॉलेज छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना शुरू कर दिया है। चुनाव मेनीफेस्टो बनाया जा रहा है। वहीं प्रत्यक्ष चुनाव न होने को लेकर छात्र संगठनों से रोष जाहिर किया है। छात्र संगठनों का कहना है कि अप्रत्यक्ष चुनाव से छात्रों को वोट डालने का अधिकार छिनेगा। इसलिए प्रत्यक्ष चुनाव ही होने चाहिए।
फरीदाबाद में सरकारी और निजी स्तर के करीब 30 कॉलेज है। इनमें 90 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते है। जो अलग अलग संगठनों से जुड़े हुए हैं। पिछले काफी समय से छात्र चुनावों की मांग करते आ रहे थे। विगत एक अक्टूबर को ही प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने छात्र संघ कराए जाने की घोषणा करते हुए इसके लिए 22 अक्टूबर की तारीख भी तय कर दी थी। इसी के साथ विभिन्न छात्र संगठनों में विरोध शुरू हो गया। विरोध का कारण अप्रत्यक्ष चुनाव का होना है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव कृष्ण अत्री ने सरकार से प्रत्यक्ष चुनाव करवाने की मांग की। उनका आरोप कि सरकार जानबूझकर प्रत्यक्ष चुनाव कराने से बच रही है। इसी के चलते अब अप्रत्यक्ष चुनाव का जुमला छोड़ा है। हालांकि, उन्होंने भी चुनाव की तैयारियां जोरशोर से शुरू कर दी है जिससे चुनाव में अन्य संगठनों को पूरी टक्कर दी जा सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिसर के जिला संयोजक माधव रावत का कहना है कि अप्रत्यक्ष चुनाव से क्लास में छात्रों को अपना नेता चुनने का पूरा अधिकार होगा। वहीं दबी जुबान उन्होंने इसे गलत भी बताया है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिसर भी सरकार से प्रत्यक्ष चुनाव करवाने की मांग कर रही है। चुनाव को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याओं और मांगों को सुना जा रहा है। छात्रों के अनुसार ही एबीवीपी अपना मेनीफेस्टो तैयार कर चुनाव में उतरेगी।
उधर, एनएसयूआई के पदाधिकारी जोकि अभी तक कॉलेज गेट पर ही धरने तक सीमित थे, उन्होंने भी छात्रों के बीच प्रचार शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को एनएसयूआई ने नेहरू कॉलेज में समस्या आपकी समाधान हमारा नामक मुहिम शुरू कर दी। इसमें प्रत्येक कक्षाओं में जाकर एनएसयूआई पदाधिकारी छात्रों से उनकी परेशानी पूछ रहे हैं।