फरीदाबाद। अरावली को पहाड़ियों को काटकर अवैध तौर से बसाए गए खोरी गांव में एक दिन की राहत के बाद रविवार को लोगों के विरोध के बीच नगर निगम के तोड़फोड़ दस्ते ने करीब 800 मकान ढहाए। प्रशासन इस मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करेगा।
करीब नौ घंटे चली कार्रवाई के दौरान एक प्राइवेट स्कूल सहित कई दो-दो मंजिल मकान तोड़ दिए गए। कार्रवाई दिल्ली लाल कुंआ स्थित तीन नंबर चुंगी तक की गई। सुप्रीम कोर्ट ने छह हफ्ते पहले सात जून को आदेश जारी कर नगर निगम और हरियाणा सरकार को खोरी गांव में तोड़फोड़ करने के आदेश जारी किए थे। कोर्ट का आदेश है कि जंगल की जमीन को फिर से जंगल में तब्दील किया जाए। इसके साथ ही बेघर होने वाले घरों के लिए पुनर्वास योजना लाई जाए। कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए नगर निगम द्वारा पिछले पांच दिन से तोड़फोड़ कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2500 से अधिक मकान ढहाए जा चुके हैं। नगर निगम आयुक्त डॉ. गरिमा मित्तल ने कहा कि खोरी में तोड़फोड़ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने के बाद भी जारी रहेगी। इसलिए लोगों से अपील है कि वे अपने मकानों को खुद खाली कर दें।