मौसम : ठंडी हवा ने कंपकपाया, धूप से राहत
आठ डिग्री तक पहुंचा पारा, दोपहर बाद छाए बादल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सर्दी का मौसम जाते जाते अपने मिजाज दिखा रहा है। सुबह-शाम चली सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन वाली ठंड रही तो दिन में सूरज की किरणों ने गर्माहट का अहसास कराया। दोपहर बाद बादल छाने से सर्दी बढ़ी तो लोगों ने अलाव, रूम हीटर आदि जलाकर सर्दी दूर भगाई।
औद्योगिक नगरी में बुधवार की सुबह बादल और मध्यम गति की सर्द हवाओं के साथ शुरू हुई। आसमान में बादल होने के कारण सूर्य के दर्शन सुबह साढ़े आठ बजे तक नहीं हो सके। बदली और हवाओं के कारण सुबह ठिठुरन रही। सूर्योदय से ठीक पहले तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम बिंदु पर पहुंच चुका था। अलसुबह उठने वाले लोगों ने घरों में रूम हीटर और आग जलाकर सर्दी दूर की। हवाओं के कारण बादल ज्यादा देर तक आसमान में नहीं रुके, सूर्योदय के करीब डेढ़ घंटा बाद सूरज के दर्शन हुए। आसमान साफ होने पर सूरज की किरणें रौशनी और गर्मी लेकर आईं। धूप निकलने से दिन में लोगों ने सर्दी से राहत महसूस की। दिन में अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। दोपहर ढाई बजे के करीब आसमान पर फिर से बादल छा गए। बदली होने के साथ ही पारा फिर नीचे गिरने लगा। जैसे-जैसे दिन ढला आसमान पर बादल गहराते गए। बादलों के कारण देर शाम तक तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक ही गिरा। हालांकि देर रात हवाएं चलने से पारा तेजी से गिरा और तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। दिन में धूप की गर्माहट लेने वालों ने सुबह शाम आग और रूम हीटर से सर्दी दूर की।
रूम हीटर की बिक्री बढ़ी
ठिठुरन वाली सर्दी से निपटने के लिए बाजार में रूम हीटरों की मांग बढ़ी है। बाजार में टंगस्टन, हैलोजन, ऑइलफिल्ड, फैन हीटर सहित अन्य तरह के रूम हीटरों की मांग तेजी से बढ़ी है। एनआईटी पांच में बिजली के उपकरण बेचने वाले सागर रत्रा ने बताया कि मध्यम वर्गीय लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हुए हैं इसलिए इस बार हैलोजन हीटर की बिक्री बढ़ी है। उन्होंने बताया कि हैलोजन हीटर से गर्मी तो मिलती है लेकिन वातावरण की ऑक्सीजन नहीं जलती। इसे बंद कमरे में भी बिना जलाया जा सकता है। टंगस्टन क्वाइल, रॉड वाले रूम हीटर ऑक्सीजन जलाते हैं इस कारण बंद कमरे में हानिकारक होते हैं। सागर के अनुसार बाजार में ऑइलफिल्ड रूम हीटर की भी मांग बढ़ी है। थोड़ा महंगा होने के कारण इसकी बिक्री कम है लेकिन यह अधिक सुरक्षित और कार्यक्षम है। उन्होंने बताया कि सस्ता होने के कारण टंगस्टन क्वायल और रॉड वाले रूम हीटरों की सबसे ज्यादा मांग है। यह हीटर अधिक बिजली का उपभोग करते हैं और पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह हैं बावजूद इसके गरीब लोग इन्हें ही खरीदना पसंद कर रहे हैं।