परिजनों का शव लेने से इनकार, समझाने-बुझाने पर हुआ अंतिम संस्कार
बल्लभगढ़। सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव डीग में ईंट भट्ठे के लिए खोदे गए गड्ढे में जमा पानी में डूबने से दो बच्चों की मौत के मामले में शनिवार को पोस्टमार्टम के दौरान बीके अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव लेने से इंकार कर दिया और जाम लगाने की बात कही। मौके पर पहुंचे थाना सदर प्रभारी अशोक कुमार ने बच्चों के परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया, उसके बाद वे लोग शव लेकर रवाना हुए।
रोशन नगर निवासी सत्यम पांडेय (12) और फौजी कॉलोनी निवासी नंद किशोर (11) का परिवार असावटी रेलवे स्टेशन के पास रहते हैं। शुक्रवार को दोनों अपने एक अन्य दोस्त अंकित के साथ बरसात में खेलते हुए घर से निकले थे। तीनों बच्चे थोड़ी ही दूरी पर गांव डीग में लगते एक ईंट भट्ठा के पास से मिट्टी की खुदाई करने से बने गड्ढे में भरे पानी में नहाने के लिए उतर गए। नीचे दलदल होने के कारण नंद किशोर और सत्यम उसमें फंस गए, जबकि उनका दोस्त अंकित बाहर निकल आया। दोनों बच्चों के बाहर नहीं निकलने पर वह दौड़ कर बस्ती पहुंचा और दोनों परिजनों को इस बारे में जानकारी दी। इस पर दोनों बच्चों के परिजन व आसपड़ोस के लोग वहां पहुंचे। ग्रामीणों ने गड्ढे में उतरकर दोनों बच्चों को निकाला, मगर तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
समझौते का आरोपी बना रहा परिजनों पर दबाव
इस मामले में मृतक नंदकिशोर की मां पार्वती की शिकायत पर भट्ठा संचालक विक्की के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। शनिवार को दोनों के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, वे तभी बच्चों के शव लेंगे। साथ ही उन्होंने नीलम चौक पर जाम लगाने की धमकी दी। परिजनों का कहना है कि आरोपी अपने मिलने वालों को भेजकर उन पर समझौते के लिए दबाव बना रहा है। थाना सदर प्रभारी अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद वे शव लेकर रवाना हुए। थाना प्रभारी ने कहा कि यदि कोई उन पर समझौता करने का दबाव बनाता है तो उसकी शिकायत दें, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम व खनन विभाग की टीम ने किया दौरा
पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज करने के बाद शनिवार को एसीएम बल्लभगढ़ राजेश कुमार व खनन विभाग की टीम ने मौके पर दौरा किया। खनन विभाग की टीम भट्टे के वैद्यता की जांच कर रही है। साथ ही एसडीएम ने टीम से इसकी भी जांच करने को कहा कि आबादी क्षेत्र में ईंट भट्ठा कैसे खुला और उन्होंने गड्ढा खोदकर उसे लापरवाही से खुला कैसे छोड़ दिया।