इन केंद्रों में ग्रामीण शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रम, बैठकें और अन्य सामुदायिक आयोजन कर सकेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सरकार ने जिले में सामुदायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई करोड़ की लागत से सात विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य आमजन को सामुदायिक स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही सामाजिक गतिविधियों के लिए सशक्त ढांचा तैयार करना है।
फरीदाबाद जिले के गांव कोट और धौज में नए सामुदायिक केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों में ग्रामीण शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रम, बैठकें और अन्य सामुदायिक आयोजन कर सकेंगे। अब तक ग्रामीणों को छोटे-मोटे स्थानों या खुले में टैंट लगाकर आयोजन करने पड़ते है। इससे असुविधा होती है, नए केंद्रों के निर्माण से ग्रामीणों को एक बेहतर और
व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा।
मांझर और एनआईटी क्षेत्र में भी मिलेगी नई सौगात
गांव मांझर और शहरी क्षेत्र एनआईटी-1 के जे-ब्लॉक पार्क में सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाएगा। शहर में बढ़ती आबादी और लोगों की जरूरतों को देखते हुए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। एनआईटी क्षेत्र के लोग लंबे समय से ऐसे स्थायी सामुदायिक ढांचे की मांग कर रहे थे, जहां वे सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियां कर सकें।
बारात घरों में भी बढ़ेंगी सुविधाएं
गांव पाखल और नया गांव में पहले से बने बारात घरों का विस्तार किया जाएगा। पाखल और नया गांव में हॉल, रसोईघर और शौचालय जैसी सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। यह कार्य ग्रामीण इलाकों में आयोजनों को अधिक आरामदायक और व्यवस्थित बनाने में सहायक होगा। अब लोगों को बड़े आयोजनों के लिए दूसरे इलाकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मरम्मत और रखरखाव का भी होगा कार्य
गांव पावटा में स्थित सामुदायिक केंद्र की मरम्मत और रखरखाव के कार्य भी किए जाएंगे। यह केंद्र पहले से ही स्थानीय निवासियों के लिए उपयोगी रहा है लेकिन समय के साथ इसके ढांचे में मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस कार्य से केंद्र की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लोग सुरक्षित व सुसज्जित स्थान का लाभ उठा सकेंगे।
हजारों लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
इन सभी परियोजनाओं से जिले के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। ग्रामीण इलाकों में जहां सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त स्थानों की कमी रही है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए सामुदायिक ढांचा मजबूत करना जरूरी है। नए केंद्रों से युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच मिलेगा, जहां वे बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और अन्य सामुदायिक गतिविधियां आयोजित कर सकेंगे।
भाग दौड़ भरी जिंदगी में आपसी मेल-जोल को मिलेगा बढ़ावा
जानकारों का कहना है कि सामुदायिक केंद्रों से स्थानीय संस्कृति और आपसी मेल-जोल को बढ़ावा मिलेगा। उनका मानना है कि इन नए केंद्रों के बनने से सामाजिक एकजुटता और भी मजबूत होगी। गांवों और शहरी मोहल्लों में लोगों को अब किसी भी प्रकार के आयोजन के लिए जगह की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
सरकार व निगम लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जिनसे आमजन के जीवन स्तर में सुधार हो सके। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ सामुदायिक ढांचे को मजबूत करना भी इसी प्राथमिकता का हिस्सा है। फरीदाबाद में शुरू होने वाली यह परियोजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।- गौरव अंतिल, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम