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पार्क अस्पताल में कार्यरत नर्स की संदिग्ध हालत में मौत

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पार्क अस्पताल में कार्यरत नर्स की संदिग्ध हालत में मौत
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- परिजनों ने लगाया परेशान करने व इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप
- मृतका के पिता की शिकायत पर दो डॉक्टरों सहित सात कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-10 स्थित पार्क अस्पताल में कार्यरत एक नर्स की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने अस्पताल में कार्यरत दो डॉक्टरों सहित सात कर्मचारियों पर उसे परेशान करने व इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सेक्टर-7 थाना पुलिस ने मृतका के परिजनों की शिकायत पर आत्महत्या करने के लिए विवश करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने तीन डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया है।
मूलरूप से करमन, होडल निवासी 24 वर्षीय संतोष उर्फ रजनी सेक्टर-10 स्थित पार्क अस्पताल में नर्स थी। रजनी के मामा श्याम लाल ने बताया कि उनकी भांजी पिछले डेढ़ साल से अस्पताल में काम कर रही थी। वह अस्पताल के हॉस्टल में ही रहती थी। बुधवार रात को रजनी आठ बजे ड्यूटी पर आई थी। थोड़ी देर बाद उसने घर फोन कर अपनी मां इंद्रावती से बात की। तब तक सबकुछ ठीक था। रात करीब 10 बजे उन्हें अस्पताल से सूचना मिली कि रजनी की हालत खराब है और वह आईसीयू में भर्ती है। सूचना मिलने पर रजनी के पिता ओमप्रकाश, भाई रोहताश व मामा श्याम लाल अस्पताल पहुंचे तो वहां उन्हें रजनी मृत मिली।
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श्याम लाल ने बताया कि अस्पताल में कार्यरत जलबीर नाम का कर्मचारी रजनी को पिछले काफी समय से परेशान कर रहा था। करीब ढाई साल पहले रजनी छाता, उत्तर प्रदेश स्थित एक अस्पताल में काम करती थी। जलबीर वहां उसके साथ काम करता था। करीब डेढ़ साल पहले उससे तंग होकर रजनी े वहां से नौकरी छोड़कर पार्क अस्पताल में आ गई थी। कुछ समय पहले जलबीर भी यहां आ गया और उसे तंग करने लगा। इस बारे में कई बार रजनी ने परिजनों को भी बताया था। कुछ समय पहले रजनी की मां और मामा ने भी उस युवक को फोन कर समझाया था, मगर उस पर कोई असर नहीं पड़ा।

रजनी ने अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात साथी कर्मचारियों को तबियत खराब होने की बात कही। इस दौरान उसने एक इंजेक्शन साथी कंपाउंडर को देते हुए उसे लगाने के कहा। रजनी के नर्स होने के कारण कंपाउंडर ने भी उसे वह इंजेक्शन लगा दिया। उसके कुछ समय बाद रजनी की हालत खराब हो गई। उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। - डा. प्रदीप मलिक, पार्क अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी
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मृतका के पिता की शिकायत पर अस्पताल के दो डॉक्टरों डा. मुश्ताक व डा. दीपक सहित जलबीर, कमल, जयबहादुर, कृष्ण व महेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। युवती के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया गया है। - एएसआई प्रदीप मोर, जांच अधिकारी, सेक्टर-11 चौकी
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