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शहर की आबोहवा सुधारने का एक्शन प्लान तैयार

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शहर की हवा सुधारने का एक्शन प्लान तैयार

फरीदाबाद। विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों मेें शामिल फरीदाबाद की हवा सुधारने के लिए रिहायशी इलाकों में सड़क किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है। सबसे पहले न्यू इंडस्ट्रियल टाउन (एनआईटी) को हरा भरा किया जा रहा है। इसके बाद ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ क्षेत्रों में पौधरोपण किया जाएगा। एनआईटी क्षेत्र की सड़कों के किनारे इस मानसून के मौसम में 35,400 पौधे लगाए जाएंगे। नगर निगम का बागवानी विभाग इन पौधों की सुरक्षा और खाद पानी देकर बड़ा करेगा।

पेरिफेरल के किनारे लगाए जाएंगे साढ़े 34 हजार पौधे
बागवानी शाखा के कार्यकारी अभियंता सुरेंद्र पुनिया ने बताया कि एनआईटी एरिया में वर्तमान में पेरिफेरल रोड का निर्माण किया जा रहा है। यह सड़क हार्डवेयर चौक से बाटा चौक, बाटा चौक से नीलम चौक, नीलम चौक से गांधी चौक, यहां से केसी रोड होते हुए बीके चौक तक, बीके चौक से हार्डवेयर चौक तक बनाई जा रही है। इस सड़क के दोनों ओर पौधरोपण करने का काम शुरू किया जा रहा है। इस सड़क के अलावा आउटर पेरीफेरल रोड और निसन हट एक, दो, तीन, चार और पांच में सड़क किनारे पौधरोपण किया जा रहा है। इस पूरे इलाके में 35,400 पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि सभी पौधों को सुरक्षा देने के लिए ट्री गार्ड भी लगाए जा रहे हैं। फिलहाल चिमनी बाई चौक से ईएसआई चौक के बीच पौधरोपण किया जा रहा है। इसके साथ ही एनआईटी क्षेत्र के बाद ओल्ड फरीदाबाद और बल्लभगढ़ जोन में भी पौधरोपण किया जाएगा।
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शहर की साख बचाने की कवायद
प्रदूषित शहरों की टॉप सूची में शामिल होने के बाद से ही यहां सरकारी तंत्र सुधार के उपाय में जुट गया है। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी में पहले ही अपना नाम दर्ज करा चुका है। अब सरकारी मशीनरी इस शहर के दामन से प्रदूषित होने का दाग छुटाने में जुटी है। पिछले दिनों ओडीएफ का सर्टिफिकेट भी फरीदाबाद से छिन चुका है। ऐसे में अबकी मानसून के दौरान ही शहर को हरा-भरा करने की कवायद है।
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विभागों के साथ संस्थाएं-एनजीओ भी हुई शामिल:
फरीदाबाद को हरा भरा बनाने के लिए इस बार सरकारी विभाग ही नहीं, बल्कि यहां की विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ ही एनजीओ भी शामिल हो गई हैं। विभिन्न आरडब्ल्यूए भी हरियाली के इस कार्य में अपना योगदान दे रही हैं। पौधरोपण के साथ ही लगाए गए पौधों की देेखभाल का जिम्मा भी संबंधित संस्थाएं और विभाग ले रहा है।
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