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फरीदाबाद में 440 रहा वायु गुणवता सूचकांक

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फरीदाबाद में 440 रहा वायु गुणवत्ता सूचकांक
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फरीदाबाद। औद्योगिक नगर लगातार दूसरे दिन भी दिल्ली एनसीआर का सर्वाधिक प्रदूषित शहर रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 440 यानी बेहद खराब दर्ज किया गया। 403 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ गाजियाबाद दूसरे और 401 सूचकांक के साथ दिल्ली तीसरे स्थान पर रहे। औद्योगिक नगरी की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की टीमें पिछले दस दिन से शहर में लगातार निरीक्षण अभियान चलाए हुए हैं लेकिन कोई बड़ा असर नहीं हुआ।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिवाली के बाद औद्योगिक नगरी की वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने की आशंका जताई थी। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के कारण पिछले वर्ष की तुलना में इस दिवाली आतिशबाजी काफी कम हुई फिर भी प्रदूषण नहीं थमा। शनिवार रात पीएम 2.5 की मात्रा 423 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर दर्ज की गई जो कमोबेश सुबह पांच बजे तक इसी स्तर पर बनी रही। इसके बाद पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ना शुरू हुई और सुबह सात बजे अधिकतम स्तर यानी 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई। वातावरण में घुले पीएम 2.5 प्रदूषकों के कारण आसमान में दोपहर बाद तक धुंध छायी रही। इससे सूर्य की रोशनी भी पूर्ण रूप से धरती तक नहीं पहुंच सकी। पीएम 2.5 की मात्रा दिन में दो बार 500 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के अधिकतम स्तर पर पहुंची। प्रदूषक नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की मात्रा भी सामान्य से डेढ़ से ढाई गुना अधिक रही। सल्फर डाई ऑक्साइड और ओजोन की मात्रा सामान्य बनी रही। वायु गुणवत्ता खराब रहने के कारण लोगों ने असहज महसूस किया। खुले में ज्यादा देर तक रहने वाले लोगों ने सांस लेने में दिक्कत, खराश, सीने में जलन, आंखों में दर्द भारीपन, दर्ज, सिर दर्द, चक्कर आना, जी मतलाना, शारीरिक शिथिलता जैसी परेशानी महसूस की। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विजय चौधरी ने बताया कि हवाएं चलने और तेज धूप निकलने से वायु प्रदूषण घटेगा, उन्होंने उम्मीद जताई की पश्चिम से हवाएं चलेंगी जिससे वायुमंडल साफ होगा।
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