फरीदाबाद। नोटबंदी को राष्ट्रीय आपदा बताते हुए उसकी दूसरी वर्षगांठ पर कांग्रेसियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार सुबह ही बड़ी संख्या में कांग्रेसी सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए और बाजू पर काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों का कहना था कि नोटबंदी भाजपा सरकार का विनाशकारी कदम था। इससे सिर्फ भाजपा को ही फायदा हुआ, जबकि आम जनता की कमर टूट गई।
धरने पर बैठे कांग्रेसी नेता विकास चौधरी ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहते हैं कि इस तुगलकी फरमान से क्या हासिल हुआ। भाजपा के अलावा नोटबंदी से किस को फायदा हुआ। काले धन के नाम पर नोटबंदी लागू की गई थी। जबकि 99.3 फीसदी पुराने नोट आरबीआई के पास लौट आए हैं। अब प्रधानमंत्री बताएं कि कालाधन कहां है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की तबाही से उभरने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था अभी भी संघर्ष कर रही है।
भ्रष्टाचार खत्म करने से लेकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने तक, टैक्स व्यवस्था में ज्यादा से ज्यादा हासिल करने से लेकर कैशलैस अर्थव्यवस्था बनाने तक भाजपा के सारे उद्देश्य फेल रहे हैं। ऐसे फैसले से देशभर में करीब 150 लोगों की जान चली गई। जीडीपी डेढ़ फीसदी गिर गई। करीब 3.5 मिलियन लोगों ने नौकरियां खो दीं। कांग्रेसियों का कहना था कि नोटबंदी के अपने फैसले पर भाजपा सरकार को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
इस मौके पर ज्ञानचंद आहूजा, डा. धर्मदेव आर्य, एसएल शर्मा, अनीशपाल, आरडी वर्मा, केसी शर्मा, हरजीत सिंह सेवक, संजय सैफी, रंधावा फागना, रामजी लाल, लुकमान खंदावली, मोहम्मद बिलाल, आनंद कौशिक और अशोक रावल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।