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ईएसआई अस्पताल पर फिर हड़ताल की मार

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ईएसआई अस्पताल पर फिर हड़ताल की मार
- पैरामेडिकल स्टाफ ने नहीं किया काम, नौकरी से हटाए जाने का विरोध

फरीदाबाद। एनआईटी नंबर 3 स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज के पैरामेडिकल कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मरीज रक्त आदि जांच के लिए इधर-उधर भटकते रहे। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ दिन पहले मारपीट के विरोध में ईएसआई के डॉक्टरों ने हड़ताल की थी, जिससे मरीजों को खासी परेशानी उठानी पड़ी थी।
ईएसआई मेडिकल कॉलेज में करीब 321 पैरामेडिकल कर्मचारी अनियमित तौर पर काम कर रहे हैं। हाल ही में नियमित रूप से नए पैरामेडिकल कर्मचारियों की भर्ती हो चुकी है और उन्होंने अस्पताल में ज्वाइन करना शुरू कर दिया है। जैसे जैसे नियमित कर्मचारी अस्पताल में आ रहें है, अनियमित पैरामेडिकल कर्मचारियों हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके विरोध में अनियमित पैरामेडिकल कर्मचारी सुबह से ही हड़ताल पर चले गए। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि निकाले गए कर्मचारियों को फिर से नौकरी पर वापस लिया जाए। यदि जल्द ही निकाले गए पैरामेडिकल कर्मचारियों को वापस नहीं लिया गया तो वह मजबूरन अस्पताल प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। पैरामेडिकल स्टाफ में अभी लैब टेक्निशियन, लैब असिसटेंट, फार्मास्स्टि, रेडियोग्राफर कर्मचारियों में से करीब 40 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। इस दौरान अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को समस्या का सामना करना पड़ा। अस्पताल के वार्ड में भर्ती डेंगू से पीड़ित कविता ने बताया कि सुबह हड़ताल के दौरान उसका इलाज भी नहीं किया गया। कविता को प्लेटलेट चढ़ने थे लेकिन उसे बिना प्लेटलेट चढ़ाए ही रहना पड़ा।
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क्या कहते है मरीज
आदर्श नगर निवासी अनिता का कहना है कि वह बुखार से पीड़ित है। इलाज के लिए सुबह अस्पातल में आई थी लेकिन अस्पताल में हड़ताल होने के कारण उन्हें बिना जांच के ही भर्ती कर दिया गया।

नवादा निवासी राजकुमारी ने कहा कि उन्हें उल्टी-दस्त की समस्या हो गई थी। अस्पताल में नर्सो की हड़ताल के कारण उन्हें एक घंटे बाद डॉक्टर ने वार्ड में भर्ती किया।

नंगला पार्ट-2 निवासी रविंद्र सिंह का कहना है कि जब पहले आए थे तब भी अस्पताल में हड़ताल के कारण मुझे निजि अस्पताल में इलाज कराना पड़ा था और आज भी हड़ताल के चलते मेरी जांच नहीं हो पाई।
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यह कर्मचारी ठेकेदार की ओर से ईएसआई अस्पातल में लगाए गए थे और अब नियमित कर्मचारियों की भर्ती हो चुकी है। इसलिए इन्हें हटाया जा रहा है यदि आने वाले समय में स्टॉफ को बढ़ाना होगा तो इन्हीं कर्मचारियों को वापस नौकरी पर ले लिया जाएगा।
-एके पांडेय, डिप्टी डीन, ईएसआई अस्पताल
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