पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविंद सिंह ने बताया कि मेले के माध्यम से जी-20 देशों के राजदूत और प्रतिनिधियों को भारतीय संस्कृति से रू-ब-रू कराने की तैयारी है। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल, पर्यटन मंत्री कंवर पाल, केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और मंत्री मूलचंद शर्मा मौजूद रहेंगे। मेला आम लोगों के लिए चार फरवरी से खुलेगा, लोग काउंटर के साथ बुकमाईशो पर भी टिकट बुक करा सकते हैं।
शंघाई सहयोग संगठन देशों के लिए अलग जोन
मेला परिसर में मुख्य चौपाल के पीछे शंघाई सहयोग संगठन से जुड़े देशों के हस्तशिल्पियों के लिए अलग जोन तैयार किया गया है। इसमें ईरान, रूस, चीन, तकाजिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान के हस्तशिल्प शामिल हैं।
पूर्वोत्तर के आठ राज्य थीम स्टेट बने
पूर्वोत्तर के आठ राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, सिक्किम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा को मेले का थीम स्टेट बनाया गया है जबकि इस बार शंघाई देशों को मेले का भागीदार देश बनाया गया है। मेले में 45 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। इनमें कजाकिस्तान, चीन, रूस, उजबेकिस्तान, आर्मीनिया, तुर्किये, कंबोडिया और यूएई के अलावा किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान, मंगोलिया, श्रीलंका, नेपाल, सउदी अरब, कतर, मिस्र , कुवैत, म्यांमार, मालदीव और बहरीन शामिल हैं।