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Faridabad News: मरम्मत नहीं होने के डिपो में खड़ी रहीं 35 बसें, कई रूटों पर संचालन प्रभावित

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बल्लभगढ़ डिपो में एक ही हेड मैकेनिक के भरोसे है बसों की मरम्मत और सर्विसिंग का काम
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70 से 80 बसें ही बुधवार को रूटों पर चल पाईं

संवाद न्यूज एजेंसी

बल्लभगढ़। मैकेनिक और टायरों की कमी के कारण रोडवेज बसों के संचालन पर असर पड़ रहा है। बस डिपो में एक ही हेड मैकेनिक होने से बसों की समय पर सर्विसिंग और मरम्मत नहीं हो पा रही है। इसके चलते बुधवार को करीब 35 बसें खराब रही। बसों की कमी के कारण कई रूटों पर बसों की संख्या घटानी पड़ी। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई। वहीं, बीच रास्ते में बसें खराब होने से चालक-परिचालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बल्लभगढ़ बस डिपो से सामान्य दिनों में करीब 130 बसों का संचालन होता है, लेकिन बसों के खराब रहने के कारण बुधवार को केवल 70 से 80 बसें ही रूटों पर चल पाईं। इससे कई मार्गों पर बसों की उपलब्धता कम हो गई। यात्रियों को बसों के लिए इंतजार करना पड़ा। डिपो में मैकेनिक की कमी के कारण खराब बसों की मरम्मत और नियमित सर्विसिंग प्रभावित हो रही है।
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वर्कर्स यूनियन ने सरकार पर साधा निशाना
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (एसकेएस) ने भी बसों के संचालन में आ रही समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। फरीदाबाद डिपो के प्रधान वीरेंद्र सिंह ने कहा कि टायरों की कमी के कारण पूरे हरियाणा में प्रतिदिन सैकड़ों बसें खड़ी रह जाती हैं। सरकार किलोमीटर स्कीम के मालिकों को कोरोना काल के करीब 50 करोड़ रुपये का भुगतान कर सकती है, लेकिन बसों के संचालन के लिए पर्याप्त टायर नहीं खरीद रही है। उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में बसों की कमी का असर यात्रियों पर पड़ सकता है।
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इन रूटों पर हुई सबसे ज्यादा परेशानी
बुधवार को बसों के खराब होने की वजह से गुरुग्राम, पलवल, होडल, हथीन, चंडीगढ़ मोहना आदि जगहों पर जाने वाली बसों की संख्या को कम किया गया। जिससे कि यात्रियों को काफी परेशानी हुई।
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