फरीदाबाद। सेक्टर-76 स्थित एडल डिवाइन कोर्ट सोसायटी निवासी दो दिनों से बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली सप्लाई न मिलने से सोसायटी में पेयजल संकट हो गया है। ऐसे में जहां कई परिवार अपना फ्लैट छोड़कर किराए पर रहने चले गए हैं, वहीं, कई ने जनरेटर किराए पर ले लिया है। उधर, बिजली सप्लाई न मिलने से सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और मरीजों को हो रही है।
एडल डिवाइन सोसायटी में 75 परिवार रहते हैं। साल 2012 में बिल्डर द्वारा लोगों को कब्जा तो दे दिया गया, मगर सोसायटी में निर्माण कार्य अभी 50 फीसदी ही पूरा हो पाया है। इस सोसायटी में एक फ्लैट की कीमत करीब 30 लाख रुपये है। पिछले दो दिन से बिल्डर और सोसायटी निवासियों के बीच बिजली बिलों को लेकर विवाद बना हुआ है। बिल्डर कंपनी के प्रतिनिधि विवेक गुप्ता का कहना है कि लोगों ने मार्च से अपना बिजली बिल नहीं भरा। ऐसे में कंपनी लगातार बिल भरती आ रही है। इससे लोगों पर बकाया राशि बढ़ गई है।
बिल जमा की रसीद है
लोगों का आरोप है कि वे लगातार बिल भर रहे हैं। बिल की रसीद भी उनके पास है। मार्च में बिल्डर कंपनी ने लोगों से मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर 3-3 हजार रुपये का एडवांस भी लिया। स्थानीय निवासी मोहित गोयल ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे बिजली विभाग ने सोसायटी की बिजली काट दी। बिल्डर कंपनी लोगों के सारे रुपये लिए बैठी है। लोगों ने बताया कि सोसायटी में डीजी सेट (जनरेटर) की कोई सुविधा नहीं है। बिजली जाने के बाद इनवर्टर लगातार चलने के कारण ठप हो गए। बिजली न होने से घरों में बच्चे बिलख रहे है। घरों में मरीजों की हालत बिगड़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि सोसायटी के तीन-चार परिवार तो बिजली परेशानी को देखते हुए किराए पर कहीं ओर रहने चले गए हैं।
पेयजल सप्लाई ठप होने से घरों में रुटीन के कामकाज ठप पड़े हैं। अनिल राणा ने बताया कि बिजली की समस्या के लिए सोसायटी निवासी केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, डीसी अतुल कुमार, एडीसी और बिजली निगम एसई प्रदीप चौहान से मिले, मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
लोगों से बातचीत
घर में पिता की तबियत खराब है। बिजली नहीं होने से उनकी तबियत और बिगड़ती जा रही है। सोमवार 11 बजे कटी बिजली का अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है। बच्चे भी गर्मी से परेशान हैं। बिजली निगम से हमारी मांग है, हमें अस्थाई कनेक्शन दिए जाएं।
- मोहित गोयल
पिता को लकवा है। ज्यादा गर्मी उन्हें सहन नहीं होती है। मजबूरीवश किराये पर एक छोटा जेनसेट लगाना पड़ा है जिससे उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो। इससे केवल उनके कमरे का पंखा चलता है। हमें खिड़की और दरवाजे खोल कर काम चलाना पड़ रहा है।
- अनुप्रिया
बिजली को लेकर पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, डीसी अतुल कुमार और बिजली निगम एसई प्रदीप चौहान तक से से मिल चुके हैं, मगर उनकी समस्या का कहीं कोई समाधान नहीं हो रहा है।
- अनिल राणा
बिल्डर की मनमानी पर कोई लगाम नहीं लग रही है। लोगों से बिल के रुपये लेने के बाद भी बिल नहीं भरा। ऐसे में प्रशासन को बिल्डर पर कार्रवाई करनी चाहिए।
- सी मित्तल