जुनैद हत्याकांड: बेटे के सही हत्यारों को दिलाऊंगा सजा, आखिरी दम तक लड़ूंगा
बल्लभगढ़। बेटे जुनैद की हत्या की जांच सीबीआई से कराए जाने की उम्मीद को हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद पिता मोहम्मद जलालुद्दीन को अब एक बार फिर से उम्मीद जगी है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर जिला अदालत में चल रहे मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सरकार व सीबीआई से इस पर जवाब मांगा है। उधर, सुप्रीम कोर्ट में याचिका मंजूर हो जाने के बाद जुनैद के पिता ने कहा कि उन्हें एक बार फिर सीबीआई जांच की उम्मीद जगी है।
जुनैद के पिता ने कहा कि वह अपने बेटे के असली हत्यारों को फांसी के तख्ते तक पहुंचाकर ही दम लेंगे। भारतीय न्याय व्यवस्था में उनकी पूरी आस्था है। उन्हें उम्मीद है कि अब उनके बेटे को न्याय मिलेगा। पिछले साल जून में हुए इस हत्याकांड में रेलवे पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामला जिला अदालत में विचाराधीन है। जुनैद हत्याकांड में पुलिस जांच से असंतुष्ट जुनैद के पिता ने मामले की सीबीआई जांच करवाने के लिए याचिका दायर की थी। मगर उस याचिका पर हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच से इंकार कर दिया था। मोहम्मद जलालुद्दीन ने कहा कि हाईकोर्ट से निराशा हाथ लगने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट में याचिका मंजूर होने के बाद अब उम्मीद जगी है कि उनके बेटे को न्याय मिलेगा।
ये है मामला
पिछले साल 22 जून को जुनैद अपने तीनों भाई हाशिम, मोहसिन और मोइन के साथ ईद की खरीदारी कर दिल्ली से लौट रहा था। सदर बाजार स्टेशन से वे लोग ईएमयू ट्रेन में सवार हुए थे। उस समय सीटें खाली थीं तो वे लूडो खेलने लगे। कुछ देर में ईएमयू भर गई। ओखला स्टेशन पर 20-25 लोग ईएमयू में सवार हुए और धक्का-मुक्की करने लगे। इन लोगों ने जुनैद को जोर से धक्का दिया, जिसका उसने विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान लोगों ने उनके साथ बदसलूकी और जातिगत टिप्पणी की। इसको लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। झगड़े के दौरान ही जुनैद पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई थी।