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Faridabad News: पंखा मेले में 30 झांकियां और 15 बैंड होंगे शामिल

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400 वर्ष पुरानी परंपरा को आज भी निभा रहे युवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। रक्षाबंधन के अवसर पर ओल्ड फरीदाबाद में लगने वाले ऐतिहासिक पंखा मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। करीब 400 वर्ष पुरानी इस परंपरा में इस बार भी आपसी सौहार्द और भाईचारे की मिसाल देखने को मिलेगी।
मां पथवारी को अर्पित किए जाने वाले पंखे को मुस्लिम समाज के लोगों ने तैयार किया है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में विभिन्न समाजों की करीब 30 झांकियां और 15 बैंड शामिल होंगे। यह यात्रा शाम को चार बजे पथवारी मंदिर से शुरू होकर मेन मार्केट के रास्ते रात 12 बजे वापस पथवारी मंदिर में पहुंचेगी। इस दौरान इन रास्तों से गुजरने वाले वाहनों को जाम की समस्या से जूझना न पड़े उसके लिए प्रशासन व कमेटी की ओर से गुजारिश की गई है कि वह इन रास्तों को प्रयोग न करें।
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ओल्ड फरीदाबाद के प्राचीन पथवारी मंदिर की ओर से रक्षाबंधन त्योहार पर पथवारी मईया के लिए मनाए जाने वाला पंखा मेले का आयोजन इस बार धूमधाम से होगा। बैंडबाजे ढोल-नगाड़ों के बीच मां पथवारी मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। पथवारी मंदिर व पंखा मेला कमेटी के पदाधिकारी मेले की तैयारी में जुटे हुए हैं। कमेटी के महासचिव नरेंद्र जैन ने बताया कि करीब 400 वर्ष पहले क्षेत्र में भीषण महामारी फैल गई थी। उस समय बुजुर्गों की सलाह पर मां पथवारी को पंखा चढ़ाया गया था। इसके बाद महामारी समाप्त होने पर लोगों की आस्था और मजबूत हुई। तभी से रक्षाबंधन पर पंखा चढ़ाने और मेला आयोजित करने की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन फरीदाबाद की सुख-समृद्धि और मंगल के लिए शुभ माना जाता है।

उन्होंने बताया कि पथवारी मईया, पंखा मेले के उपलक्ष्य में विभिन्न प्रकार की 30 झांकियां निकाली जाएगी। झांकियां निकालने के लिए कोसीकलां, मथुरा, वृंदावन व मेरठ से कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। सभी कलाकार शुक्रवार सुबह आकर तैयारी करके शाम 4 बजे झांकियां निकालेंगे। इसमें महाकाली, भगवान शिव-पार्वती, उड़ते हुए श्री हनुमान, राधा-कृष्ण, श्री बांके बिहारी, शेरेवाली मां, दुर्गा मां, शंकर और महाकाली, मां वैष्णव देवी, सीता-राम और लक्ष्मण, राम दरबार, मां सरस्वती, लक्ष्मी-गणेश, साईं बाबा, पथवारी मईयापर आधारित झांकियां निकाली जाएगी।

इन जगहों से होकर गुजरेगा मेला
उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम 4 बजे विभिन्न प्रकार की झांकियां निकाली जाएगी। ये पथवारी मंदिर से शुरू होकर मेन मार्केट के रास्ते अनाज मंडी, मालीवाड़ा, राजीव नगर, भीम बस्ती, सेक्टर-16 के नई सब्जी मंडी से होते हुए रात 12 बजे वापस पथवारी मंदिर में पहुंचेगी। इसके लिए मंदिर कमिटी के पदाधिकारी साफ-सफाई व चूने से पुताई में जुट गए हैं। इस दौरान उन्हाेंने लोगों से गुजारिश की है कि वह इन रास्तों को प्रयोग ना करें। मेले के संयोजक कृष्ण पहलवान ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सुबह मां पथवारी को पंखा अर्पित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर मुख्य अतिथि रहेंगे। शाम को भव्य शोभायात्रा निकलेगी और देर रात सांग का आयोजन होगा। दूसरे दिन ओल्ड फरीदाबाद अनाज मंडी चौक पर दंगल होगा, जिसमें पहलवान कुश्ती का प्रदर्शन करेंगे। शाम को सांग आयोजित किया जाएगा। अंतिम दिन मां पथवारी की पूजा के बाद भंडारा होगा।
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हरिद्वार से आता है नया पंखा



मेले के लिए हर साल हरिद्वार से नया पंखा लाया जाता है। खास बात यह है कि इस पंखे को एक मुस्लिम परिवार तैयार करता है। यही वजह है कि पंखा मेला हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की मिसाल माना जाता है। मेले के दौरान पंखे को धूमधाम से उठाकर चार पीरों की परिक्रमा कराई जाती है। इसके बाद शहर की सुख-शांति और समृद्धि की कामना के साथ पंखा वापस मां पथवारी के चरणों में चढ़ाया जाता है। मां पथवारी को फरीदाबाद की नगर देवी के रूप में पूजा जाता है।
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