साप्ताहिक स्टोरी-एक्सक्लूसिव
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- जिले में बनाई गईं 26 योगशालाएं, प्रत्येक योगशाला पर 30 लाख खर्च किए
- योग प्रोत्साहन के लिए पंचायत की तीन एकड़ जमीन पर बनाई गई थी
अवध किशोर श्रीवास्तव
फरीदाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से योग को प्रोत्साहित करने के लिए करीब छह वर्ष पहले आधुनिक सुविधाओं से लैस 26 योगशालाएं (व्यायाम शाला) बनाने की योजना तैयार की गई थी। प्रत्येक योगशाला के निर्माण पर 30 लाख रुपये खर्च किए गए और 2021 में यह बनकर तैयार हुई। हालांकि, जितने दावे किए गए थे, उतनी सुविधाएं इन योगशालाओं को मयस्सर भी नहीं हो पाईं। इनमें से अधिकतर योगशालाएं बिना उपयोग के अब खंडहर बन गईं हैं। कुछ योगशाला को छोड़ ग्रामीणों को योग कराने के लिए वालंटियर भी तैनात नहीं हैं। इससे ग्रामीणों को न तो योग का प्रशिक्षण मिल रहा है और न ही योग केंद्र की देखभाल हो पा रही है।
गांव के प्रत्येक व्यक्ति को योग से जोड़ने के लिए पंचायत की जमीनों पर योगशाला बनवाने का निर्णय लिया गया था। इसमें वर्ष 2017 में प्रत्येक ग्राम पंचायत को 30 लाख रुपये दिए गए थे। वर्ष 2018 में इन 26 पंचायत की ओर से तीन एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। इसमें ग्रामीणों को योग करने की व्यवस्था, सुबह शाम घूमने के लिए ट्रैक, हरियाली के लिए पेड़ पौधे, वॉशरूम सहित तमाम सुविधाएं मुहैया करानी थीं। हालांकि, इसमें केवल मैदान और एक स्टेज बनाकर वर्ष 2021 में आयुष विभाग के सुपुर्द किया गया। आयुष विभाग ने इसे अपने कब्जे में लेने से पहले संबंधित पंचायतों को ठीक कराने को कहा। बताया जा रहा है कि उसे ठीक कराने का आश्वासन तो दिया गया लेकिन तीन वर्ष के बाद इन सभी की स्थिति और भी जर्जर हो रही है।
मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने खोड़ी जमालपुर, सीकरी, धौज व पाली सहित कई गांव में जाकर योगशाला की पड़ताल की। वहां न तो योग के लिए समतल मैदान था और न ही बाथरूम की उचित व्यवस्था थी। वहीं, योगशाला में बिजली, पानी और चहारदीवारी की भी सुविधा नहीं है।
7.80 करोड़ रुपये खर्च, पर नहीं हो रहा उपयोग
26 योगशालाओं के लिए प्रत्येक को 30 लाख रुपये मुहैया कराए गए थे। कुल मिलाकर 7.80 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी इसका उपयोग नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि योगशाला का नियमों के अनुसार गुणवत्तापरक निर्माण हुआ है।
काफी समय से कुछ योगशाला में वालंटियर भी नहीं है
योगशाला के लिए प्रत्येक गांव को करीब तीन एकड़ जमीन पर तैयार किया गया है। इसे ग्राम पंचायत की ओर से तैयार कर आयुष विभाग को सौंपा गया था। इसकी रखरखाव करने की भी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की थी। आयुष विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि योगशाला का मामला अब ठंडे बस्ते में चला गया है। पिछले दो वर्षों से कुछ योगशाला में वालंटियर भी नहीं हैं। जहां योग वालंटियर हैं, वह भी मात्र औपचारिकताएं ही पूरी कर रहे हैं।
योग नहीं कराया तो वालंटियर पर होगी कार्रवाई
रखरखाव के अभाव में कुछ योगशालाओं की स्थिति खराब हो चुकी है। उसे जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। योग वालंटियर को रोजाना योग कराने का निर्देश दिया गया है। जिनके द्वारा नहीं कराया जा रहा है, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मनीषा लांबा, जिला आयुष अधिकारी
यहां पर है योगशाला
अरूआ, बदरोला, भतोला, बुखारपुर, धौज, फज्जूपुर खादर, फतेहपुर तगा, मोहब्ताबाद, जाजरू, कोराली, खेड़ीगुजरान, खोड़ी जमालपुर, कौट, लहडोला, मचगर, नचौली, नवादा तिगांव, पाली, पाटवा, सिकरी, सिकरौना, सोतई, ताजपुर, तिलपत और अन्य जगह।