फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी से लोग परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
पेट्रोल-डीजल के बाद बढ़ सकता है मालभाड़ा
विज्ञापन

लोगों में रोष, बोले-मजबूरन अपने वाहन घर खड़े करने पड़ेंगे

उद्योग धंधों पर भी संकट के बादल छाने लगे

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सरकार ने एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल के दाम 79 रुपये लीटर के पार पहुंच गए हैं, वहीं डीजल 71 रुपये लीटर से अधिक है। लगातार हो रही बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है, जिससे लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते रहे तो मजबूरन अपने वाहन घर खड़े कर देंगे। ऐसे में देश वापस बैलगाड़ी युग में पहुंच जाएगा। उधर, पेट्रोल व डीजल के दाम में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्टर भी अब मालभाड़ा बढ़ाने की बात कह रहे हैं।
पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में उछाल से बाजार में महंगाई का असर साफ दिख रहा है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते रहे तो वह दिन दूर नहीं जब पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर बिकेगा।
विज्ञापन

फरीदाबाद ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने बताया कि विगत एक माह की ही बात करें तो डीजल के दाम में 1.93 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार बढ़ोतरी से अब जहां माल ढुलाई और किराया बढ़ने के आसार बनने लगे हैं, वहीं उद्योग धंधों पर भी संकट छाया हुआ है। फरीदाबाद में ज्यादातर उद्योग धंधे बिजली-पीएनजी से संचालित हैं, मगर इनमें कई जगह डीजल का भी प्रयोग होता है। डीजल के लगातार बढ़ रहे दाम के चलते अब उद्योग धंधों पर संकट के बादल छाने लगे हैं। पेंट्स इंडस्ट्री के मालिक बीआर भाटिया का कहना है कि डीजल के दाम पर अगर जल्द ही अंकुश नहीं लगाया गया तो निश्चित ही इसका असर प्रोडक्शन पर नजर आएगा।

सरकार को तुरंत इस ओर ध्यान देते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम में की गई बढ़ोतरी को वापस लेना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का असर आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। दुपहिया वाहन चलाना मुश्किल हो चला है। ऐसे में मोदी सरकार को चाहिए कि दाम कम करने के लिए प्रयास करे, ताकि आम आदमी को राहत मिल सके।
-प्रदीप कुमार, डबुआ कॉलोनी

केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। अगर दाम ऐसे ही बढ़ते रहे तो लोगों के वाहन घरों में खड़े नजर आने लगेंगे। निजी कंपनियों, कारखानों आदि में काम करने वाले लोग दुपहिया वाहन का खर्च नहीं सहन कर पाएंगे। बढ़ी कीमतें सरकार को जल्द वापस लेनी चाहिए।
- अभिलाष सिंह, सेक्टर-तीन, बल्लभगढ़

पहले ही महंगाई का बोझ आम आदमी पर पड़ रहा है और लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दाम ने लोगों की जेब पर डाका डाला है। सरकार को पेट्रोल और डीजल के दाम पर नियंत्रण करना चाहिए। लगातार बढ़ रहे दाम से लोगों का बजट बिगड़ रहा है। कमाई वहीं की वहीं है और खर्च बढ़ रहा है। छोटे किसान खासतौर से डीजल इंजन से खेतों की सिंचाई करने वाले बहुत परेशान हैं।
विज्ञापन

- अभिनीत रावत, सेक्टर-दो

पहले ही कुछ दिनों के लिए लोगों को राहत मिली थी, लेकिन अब हर रोज तेल की कीमतों को बढ़ाया जा रहा है। अगर इसी तरह दाम बढ़ते रहे तो पेट्रोल जल्द ही 100 रुपये प्रति लीटर पहुंच जाएगा। ऐसे में लोगों को अपने वाहन घर खड़े करने पड़ेंगे और पुराने समय की तरह टांगा और बैलगाड़ी पर चलना पड़ेगा।
- एसएन यादव, नंगला एन्क्लेव, पार्ट-दो



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें