शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ पायलट प्रोजेक्ट
फरीदाबाद। मथुरा रोड पर बदरपुर बॉर्डर से झाड़सेतली तक सड़क के दोनों ओर स्थित भवन, इमारत, दुकान आदि के निर्माण के लिए नगर निगम से सीएलयू, सबडिवीजन, ईडीसी आदि ली गई है या नहीं अब इसकी जांच कराई जाएगी। इन इमारतों के मालिक सही प्रॉपर्टी टैक्स, जल/सीवर टैक्स जमा करवा रहे हैं या नहीं इसका भी सर्वे होगा। अवैध निर्माण और टैक्स चोरी को उजागर करने के लिए शुरू किया जा रहा यह पायलट प्रोजेक्ट यदि सफल रहा तो ऐसा सर्वे पूरे शहर में कराया जाएगा। शहर में लगातार हो रहे अवैध निर्माण पर पाबंदी लगाने के लिए निगमायुक्त ने यह निर्णय लिया है।
निगमायुक्त मो. शाईन के मुताबिक बीते दस वर्ष में शहर में उद्योग, व्यवसाय और जनसंख्या तेजी से बढ़ी है। शहरीकरण की इस प्रक्रिया में नगर निगम क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिना सीएलयू, सब डिवीजन, और सीएलयू कराए ही अवैध निर्माण कराए गए। इन अवैध निर्माण का न तो सही प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाया जा रहा है और न ही जल/सीवर टैक्स। इस संबंध में हाल ही में निगम अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में हुए नर्मिाणों का सर्वे कराने की योजना पिछले कई साल से बन रही है लेकिन किसी न किसी कारण इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा पा रहा है। बैठक में डोर टू डोर भौतिक सर्वे कराने पर विचार किया गया। निर्णय लिया गया कि मथुरा रोड यानि नेशनल हाईवे-19 पर बदरपुर बॉर्डर से झाड़सेतली गांव तक सड़क के दोनों ओर सर्वे का पायलट प्रोजेक्ट चलाया जाए। सर्वे में यह जानकारी दर्ज की जाएगी कि भवन किस प्रकार का है, इसका सीएलयू हुआ है या नहीं, निर्माण का प्रकार(आवासीय, व्यवसायिक आदि), सब डिवीजन, लाइसेंस यू/एस 330-331 लिया गया है या नहीं। अवैध पार्किंग तो नहीं है, प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर/सीवर टैक्स आदि इमारत के क्षेत्रफल के आधार पर हैं या नही। सर्वे के लिए निगम आयुक्त ने सहायक अभियंता रवि शर्मा के नेतृत्व में कनिष्ठ अभियंता राकेश कुमार व मोहिंदर रावत, सहायक बलबीर सिंह और लिपिक प्रकाश की कमेटी तैनात की है। निगम आयुक्त मो. शाईन ने बताया कि कमेटी 10 जून को अपनी पहली रिपोर्ट पेश करेगी और 20 जून को फाइनल रिपोर्ट देगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अवैध भवन/निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।