झमाझाम बारिश ने गर्मी से दी राहत लेकिन जाम ने रूलाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। उमस भरी गर्मी के बाद बृहस्पतिवार को आई बारिश से शहर वालों ने राहत महसूस की। तापमान गिरने से मौसम खुशगवार हुआ लेकिन शाम को चार बजे तक लगातार झमाझम बरसात से पूरा शहर जलमग्न हो गया। लबालब सड़कों पर वाहनों की गति धीमी पड़ी तो जगह जगह जाम लगा। दिनभर हुई बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हो गया, वहीं झमाझम पानी बरसने से शहर टापू बन गया, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नेशनल हाइवे पर वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। स्कूली बच्चों को छुट्टी के समय गंदे पानी में से गुजर कर घर जाना पड़ा। बच्चों ने घरों की छत पर मस्ती की तो विद्यार्थियों और युवाओं ने लंबे समय के बाद आई बारिश का लुत्फ उठाया। लोग काम-काज छोड़कर चाय की चुस्की लगाते रहे। शहर के चौक पर बने पार्क में बच्चों ने नहाकर बारिश का मजा उठाया।
लबालब सड़कें और जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
बृहस्पतिवार सुबह से शुरू हुई बरसात के बाद जलभराव से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सेक्टर 6,7, 8, 9,10, 4, 3, 22, 23, 24, 25 की सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव हो गया। जलभराव होने से राजमार्ग के बल्लभगढ़, बाटा, अजरौंदा चौक पर ट्रैफिक जाम का लोगों को सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा बारिश बल्लभगढ़ क्षेत्र में हुई। इसके चलते वहां लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बल्लभगढ़ की चावला कालोनी, सुभाष कालोनी, सेक्टर-22, 23, संजय कॉलोनी, सेक्टर-23, 24 रोड पर जलजमाव के कारण लोगों को आने जाने में दिक्कत हुई। सेक्टर 24 औद्योगिक क्षेत्र में भी जलभराव के कारण बुरा हाल था। आलम यह था कि फैक्ट्रियों के अंदर पानी भर गया, जिसे निकालने के लिए उन्हें मोटर लगानी पड़ गई। जलभराव से तीन नंबर, जवाहर कॉलोनी, पांच नंबर, एक नंबर, बीके चौक, सेक्टर-16, सेक्टर-23, सेक्टर-55, संजय ंकॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, नंगला रोड, जनता कॉलोनी, सेक्टर-22 की सड़के पूरी तरह पानी में डूबी नजर आईं।
वाहनों चालकों को हुई परेशानी
जलमग्न हुई सड़कों के बाद वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नेशनल हाइवे पूरी तरह जाम हो गया। वाहन रेंग-रेंग कर सड़क पर चलते रहे। चालकों को दिन में भी वाहनों की हेड़ लाइट जलानी पड़ी। सड़क पर बने गहरे गड्डों के कारण वाहन चालाक काफी संभल कर वाहन चला रहे थे। जिससे किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
बिजली निगम परिसर में भरा पानी
बारिश के बाद जलमग्न से बिजली निगम भी अछुता नहीं है। बारिश के दौरान सेक्टर-23 स्थित बिजली निगम परिसर में पानी भर जाता है। जिससे उपभोक्ताओं को पानी में से निकलकर ही अंदर जाना पड़ता है। बिजली निगम अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहाीं है। निगम में पानी निकासी का साधन न होने के कारण बारिश के बाद निगम परिसर में पानी अगले तीन-चार दिन तक ज्यों का त्यों बना रहता है।
किसानों के चेहरे खिले
बारिश धान की फसल के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक रही। धान को सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है। बारिश का पानी फसल के सीधे कोथ में जाता है। बारिश का पानी धान की फसल के लिए ठंडा और मीठा होता है। इससे जमीन के अंदर रासायनिक खादों और दवाओं का प्रभाव भी कम होता है।
बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा असर
बारिश के साथ हवा चलने की वजह से तार टूटने पोल गिरने की शिकायत नहीं आई, लेकिन ट्रिपिंग, कंडक्टर फुंकने, फॉल्ट की वजह से कई जगहों पर बिजली सप्लाई बाधित रही। इसके अलावा फीडर ब्रेकडाउन होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही। बारिश थमने के बाद ही मेंटेनेंस का काम शुरू किया गया।