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बिल्डरों ने नहीं जमा कराया जुर्माना, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किया नोटिस

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बिल्डरों ने नहीं जमा कराया जुर्माना, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किया नोटिस
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फरीदाबाद। बिना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए ही सोसायटियां बसाने वाले बिल्डरों ने एनजीटी द्वारा नवंबर 2017 में लगाया गया 25 लाख रुपये का जुुर्माना नहीं भरा। एनजीटी के आदेश का उल्लंघन करने पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से इन 13 सोसायटियों को उनकी बिजली पानी काटे जाने का नोटिस भेजा है। बोर्ड के इस आदेश से सोसायटी वासी परेशान हैं। इन लोगों का कहना है कि उपायुक्त इन बिल्डरों से जुर्माने की रकम उपायुक्त राजस्व के रूप में वसूल सकता है तो फिर सोसायटीवासियों की बिजली पानी काट कर उन्हें परेशान क्यों किया जा रहा है। सोसायटी वाले बोर्ड के इस आदेश के खिलाफ मुख्य सचिव से लेकर प्रदूषण नियंत्रण के आला अधिकारियों को चिटठी लिखने की तैयारी कर रहे हैं।
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गे्रटर फरीदबाद की सोसायटियों में बिल्डरों ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाए इसलिए इन सोयासटियों को अभी तक सीवर कनेक्शन नहीं मिले। बिल्डर सोसायटियों के सीवर का पानी निजी टैंकरों में भरवा कर खुले में डलवा रहे थे। सामाजिक कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने बिल्डरों के खिलाफ पर्यावरण खराब करने की शिकायत एनजीटी में की थी। मामले की सुनवाई करते हुए नवंबर 2017 में एनजीटी ने 13 सोसायटियों पर 5 - 5 लाख रुपये का जुर्माना किया था और सीवर ट्रीटमेंट प्लांट ठीक कराने तक 25 लाख रुपये बैंक गारंटी के रुप में जमा करने के लिए कहा था। बिल्डरों द्वारा पैसा जमा नहीं किया गया है। इसलिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी सोसायटियों को नोटिस जारी किया है कि अगर उन्होंने पैसा जमा नहीं कराया तो उनके पानी व बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इससे ग्रेटर फरीदाबाद की इन सोसायटियों में रहने वाले लोग डरे हुए हैं। ग्रेटर फरीदाबाद रेजिडेंट्स एसोसिएशन के प्रधान प्रमोद मिनोचा कहते हैं कि एनजीटी के स्पष्ट आदेश हैं कि पैसा बिल्डरों से वसूला जाए। बोर्ड इन बिल्डरों पर सख्ती करने के बजाय रेजिडेंट्स का बिजली पानी काटने पर उतारू है। इससे एनजीटी का उद्देश्य हल नहीं होगा बल्कि कई सैकड़ा परिवारों की मुसीबत बढ़ जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बिल्डर की जमीन से पैसे की रिकवरी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वो इस नोटिस के विरोध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को लीगल नोटिस भेजेंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिसर पीकेएमके दास का कहना है कि हमने एनजीटी के आदेशों के अनुसार ही नोटिस जारी किया है। सोसायटियां बिल्डर ने ही बनाई हैं इसलिए उनके नाम से ही नोटिस जारी किए गए हैं।
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