फरीदाबाद (मूर्ति दलाल)। कोरोना संक्रमण के कारण पुणे और मध्यप्रदेश जैसा हाल फरीदाबाद में न हो, इसके लिए बचाव के कदम उठाए जाने शुरू हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी है कि जिले में इसी सप्ताह ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाए। प्लांट की मदद से स्वास्थ्य विभाग हर मिनट 200 लीटर ऑक्सीजन तैयार कर सकेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि प्रत्येक मरीज को प्रति मिनट 10 से 15 लीटर ऑक्सजीन की जरूरत होती है। ऐसे में पूरी संभावना है कि जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का चरम यदि हावी हुआ तो भी पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। हालांकि आईसीयू में कोविड मरीजों की जरूरतों को भांपते हुए कई विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि गंभीर मरीज को कई बार 60 से 80 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट दी जाती है। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता बेहद कम नजर आती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि स्टोरेज क्षमता, ऑक्सीजन उत्पादन और सिलिंडर की मदद से कोविड मरीजों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
सरकारी-निजी अस्पताल केवल ऑक्सीजन भंडारण पर निर्भर
मौजूदा समय में बीके सिविल अस्पताल, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज सहित शहर के छह बड़े कॉरपोरेट अस्पताल सर्वोदय रिसर्च सेंटर, एशियन मेडिकल इंस्टीट्यूट, मेट्रो हार्ट सेंटर, फोर्टिस अस्पताल, एसएसबी अस्पताल, क्यूआरजी हेल्थ सिटी केवल स्टोरेज सिस्टम पर पूरी तरह से निर्भर हैं। ऑक्सीजन मेडिकल प्लांट बीके अस्पताल परिसर में इसी सप्ताह बनकर तैयार होगा। इसके लिए मशीनें लगा दी गई हैं। अगले सप्ताह से इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा। एनसीआर क्षेत्र में फरीदाबाद एक मात्र ऐसा जिला होगा, जहां सरकारी स्तर पर ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता होगी। लोक निर्माण विभाग सहित निजी एजेंसी इस काम को करने में जुटी है। इस प्लांट में रोज ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ाकर लगभग 5 से 7 लाख लीटर ऑक्सीजन प्रति दिन तैयार करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। प्लांट को तैयार करने पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
निजी अस्पतालों ऑक्सीजन बेड के लिए हर दिन 100 कॉल
जिले में सक्रिय मरीजों की क्षमता बढ़ती जा रही है, शुक्रवार तक 164 मरीज इंटेंसिव केयर (ऑक्सीजन सपोर्ट) पर रहे। इस दौरान 19 मरीजों को वेंटिलेटर की जरूरत थी। ऐसे में अलग-अलग निजी अस्पतालों में कोविड इंटेंसिव केयर के लिए हर दिन लगभग 50 से 100 फोन आ रहे हैं। शनिवार तक सर्वोदय अस्पताल में सौ मरीज भर्ती रहे। वहीं, मेट्रो अस्पताल में 100 मरीज भर्ती रहे। आगामी समय में जिले के निजी अस्पतालों में आरक्षित बेड की संख्या बढ़ाए जाने का भी विचार है। स्वास्थ्य सेवाओं की मांग इस कदर बढ़ रही है कि मरीजों को घर पर भी निजी अस्पतालों ने सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं।
लोक निर्माण विभाग को लिखित में रिमाइंडर देकर इस सप्ताह में काम पूरा कराने का प्रयास है। बिजली कनेक्शन लंबित है। इसी पर काम जारी है। प्लांट बनने तक ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक व सिलिंडर में पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया गया है। प्लांट बनने के बाद ऑक्सीजन की खरीद नहीं करनी होगी। सिविल अस्पताल में भी ऐसे 225 प्वाइंट लगे हैं, जहां मरीजों को भर्ती कर ऑक्सीजन दी जा सकती है।
- सविता यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी
इस सप्ताह ही ऑक्सीजन प्लांट का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जिले की आपूर्ति इस प्लांट से सुनिश्चित की जाएगी। प्लांट शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। लोगों को हर संभव मदद देने के लिए विभाग की तैयारी है।
- डॉ. रणदीप पुनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी