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कूड़े से बिजली बनाने की कवायद हुई तेज

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कूड़े से बिजली बनाने की कवायद तेज
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फरीदाबाद। कूड़े से बिजली बनाने की परियोजना में देरी के कारण पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर राष्ट्रीय हरित न्यायालय ने नाराजगी जताई तो राज्य सरकार ने इसे जल्द पूरा करने की कवायद शुरू कर दी। प्रधान सचिव डीएस ढेसी ने फरीदाबाद और गुरुग्राम नगर निगम के अधिकारियों की एक कमेटी बनाकर बंधवाड़ी प्लांट की स्थिति आख्या (स्टेटस रिपोर्ट) तलब की है। यह टीम कूड़े से बिजली बनाने वाले प्लांट की स्थापना में देरी के कारण, अड़चन, प्लांट में कूड़े की वर्तमान स्थिति, उसके निस्तारण की प्रक्रिया आदि की रिपोर्ट बनाकर प्रधान सचिव को पेश करेगी। टीम अब प्रत्येक माह प्लांट की रिपोर्ट बनाकर प्रधान सचिव को भेजेगी।
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औद्योगिक नगरी में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए वर्ष 2008 में बंधवाड़ी में कचरा निस्तारण प्लांट स्थापित किया था। वर्ष 2010 से क्रियाशील हुए बंधवाड़ी प्लांट में फरीदाबाद और गुरुग्राम शहरों का करीब 1300 टन कचरा रोजाना पहुंचता था। वर्ष 2013 में आग लगने के बाद यह प्लांट बंद पड़ा था। इस दौरान कचरा प्रबंधन करने वाली चीन की ईकोग्रीन कंपनी ने सरकार को कूड़े से बिजली बनाने की परियोजना का प्रस्ताव दिया। मुख्यमंत्री ने 13 अप्रैल 2018 को बंधवाड़ी में इस परियोजना का शिलान्यास किया और अगस्त 2019 में कूड़े से बिजली उत्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। निगम अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में दोनों शहरों से रोजाना करीब 1500 टन कचरा निकल रहा है। पर्याप्त निस्तारण न होने के कारण बंधवाड़ी प्लांट में कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। निगम अधिकारियों के अनुसार चंद माह बचे हैं लेकिन अभी कंपनी बिजली संयंत्र स्थापना के लिए पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति पत्र नहीं ले सकी है। परियोजना में हो रही देरी पर एनजीटी ने सख्त नाराजगी जाहिर की है। परियोजना जल्द पूर्ण हो इसके लिए प्रधान सचिव डीएस ढेरी ने गुरुग्राम नगर निगम के मुख्य अभियंता एनडी वशिष्ठ की अध्यक्षता में नगर निगम फरीदाबाद के अधीक्षण अभियंता रामप्रकाश और संयुक्त आयुक्त बल्लभगढ़ रोहताश विश्नोई की सदस्यता वाली कमेटी गठित की है। यह कमेटी हर महीने प्रगति आख्या बना कर प्रधान सचिव को भेजेगी। संयुक्त आयुक्त रोहताश विश्रोई ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्लांट की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। सरकार जल्द से जल्द से प्लांट शुरू कराने के पक्ष में है, इसलिए प्रधान सचिव ने रिपोर्ट तलब की है। पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति लेने का भी मुद्दा है इसका निस्तारण होने के बाद ही प्लांट की स्थापना तेजी से होगी।
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