तीन शर्तें पूरी करने पर मिलेगा कौशल विकास ट्रेनिंग का प्रमाणपत्र
- मासिक विशेषज्ञ लेक्चर, ग्यारहवीं कक्षा से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, वर्ष में दो बार फील्ड विजिट अनिवार्य
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। कौशल विकास की ट्रेनिंग देने वाले स्कूलों को मासिक विशेषज्ञ लेक्चर, ग्यारहवीं कक्षा से प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, वर्ष में दो बार फील्ड विजिट विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर विद्यार्थियों को कौशल विकास का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद (एनएसडीसी) की ओर से ये तीनों शर्तें कौशल विकास के तहत अनिवार्य कर दी गई हैं। विद्यार्थियों के कौशल विकास में तीनों पहलू अहम मानते हुए यह नियम लागू किया गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग ट्रेड में कौशल विकास की मुहिम शुरू की गई है। स्कूलों में भी कक्षा-9 से 12 तक इसे मुख्य रूप से शामिल किया गया है। विद्यार्थियों को आसपास की औद्योगिक इकाइयों की मांग के अनुरूप राज्य स्तरीय 14 में से किन्हीं दो ट्रेड में पारंगत किया जा रहा है। हर माह ट्रेड विशेषज्ञ का एक खास लेक्चर, ग्यारहवीं कक्षा से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और कम से कम दो बार वर्ष में संबंधित फील्ड विजिट को अनिवार्य किया गया है। इससे विद्यार्थियों को ट्रेड संबंधी प्रश्नों को वक्त रहते समझने में सहायता मिलेगी। कौशल विकास में फील्ड विजिट को प्लेसमेंट में प्राथमिकता के लिहाज से अनिवार्य किया गया है।
पंचकूला मुख्यालय के प्रॉजेक्ट सहायक कॉर्डिनेटर महेंद्र ने बताया कि कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण देने वाले स्कूलों के लिए ये तीनों शर्तें अनिवार्य रूप से लागू की गई हैं। इसकी सूचना भी पंचकूला मुख्यालय को देनी अनिवार्य की गई है।