पांच वर्ष का समय परिवर्तन का समय रहा है। पार्टी ने देश को बहुत कुछ दिया है। कांग्रेस ने देश के लिए कुर्बानी दी है। आजादी कांग्रेस ने दिलाई। देश में कांग्रेस का शासन करीब 49 साल का रहा है। इतने समय में देश यदि आज दुनिया के पटल पर मजबूत विश्व शक्ति के तौर पर उभरा है तो ये कांग्रेस की ही देन हैं। ये कहना है हरियाणा कांग्रेस समन्वय समिति के सदस्य और पूर्व मंत्री महेेंद्र प्रताप सिंह का।
सूरजकुंड रोड स्थित एक फार्म हाउस में आयोजित हरियाणा कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक में पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रजातंत्र में हार जीत चलती रहती है, लेकिन लड़ाई सिद्धांतों की होनी चाहिए। बड़ी विडंबना है कि आज देश की राजनीति में राष्ट्र निर्माण को लेकर मुद्दे नहीं बल्कि स्तरहीन बातें चल रही हैं। जनता का ध्यान मुख्य बातों से भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्या हुआ भाजपा के वादों का, दो करोड़ बेरोजगारों का रोजगार देने का, 15 लाख रुपये प्रति व्यक्ति को देने का, किसानों की आय दोगुनी करने का। भाजपा के मात्र पांच साल के शासन में 60 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
पूर्व मंत्री ने कहा कि अब कुशासन का अंत करने का समय आ गया है, इसलिए कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर भाजपा को उखाड़ फेंकना है। उन्होंने कहा कि जनपद में कांग्रेस के कार्यकर्ता सौभाग्यशाली हैं कि हरियाणा में परिवर्तन के लिए शुरू की जा रही रथयात्रा शुभारंभ 26 मार्च को फरीदाबाद से ही से हो रहा है। इस यात्रा में हरियाणा के सभी नेता एक जुट होकर जनता में जन जागरण अभियान चलाएंगे और झूठ की सरकार की पोल खोलेंगे। बैठक में पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना, विधायक करण दलाल, विधायक उदयभान, पूर्व विधायक आनंद कौशिक, लोकसभा फरीदाबाद के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता यशपाल नागर, सुभाष कौशिक, हरेंद्र पाल राणा, विकास चौधरी, राकेश भड़ाना, इंद्रावती, सीमा, स्नेह सहगल, पूनम, बेदी जार्ज आदि मौजूद रहे।
बैठक से ललित-शारदा ने बनाई दूरी:
सूरजकुंड रोड स्थित एक फार्म हाउस में हुई हरियाणा कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक में तिगांव विधायक ललित नागर, पूर्व मंत्री शिवचरण लाल शर्मा के परिवार और बल्लभगढ़ की पूर्व विधायक शारदा राठौर का शामिल न होना चर्चा का विषय बना रहा। कांग्रेसियों की गुटबाजी को खत्म करने, सफल रथ यात्रा के लिए रणनीति बनाने और एकजुट होकर काम करने की मंशा से बुलाई गई इस बैठक में विधायक और पूर्व विधायक का न आना लोगों को अखरा। हालांकि इस मामले में तिगांव विधायक का कहना था कि एक रिश्तेदार की मृत्यु हो जाने के कारण वह बैठक में शामिल नहीं हो सके।