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Faridabad News: यमुना का जलस्तर बढ़ने से 18 गांवों हो सकते हैं प्रभावित, प्रशासन अलर्ट

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डीसी विक्रम सिंह ने - आमजन रात्रि के समय विशेष चौकसी बरतें तथा सावधान और सतर्क रहें
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से यमुना क्षेत्र में बसे 18 गांवों के प्रभावित होने की संभावना है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन 24 घंटे अलर्ट है और बाढ़ से बचाव के लिए एक्शन मोड में कार्य कर रहा है। उपायुक्त विक्रम सिंह ने सोमवार को संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इसमें जलस्तर बढ़ने से किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने को कहा गया है। साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां और प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उपायुक्त ने कहा कि जलस्तर बढ़ने से यमुना क्षेत्र में बसे गांव मोहना, लतीपुर, मंझावली सहित लगभग डेढ़ दर्जन गांवों के अधिक प्रभावित होने की संभावना है। ऐसे में पंचायत स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार व अन्य संबंधित अधिकारी सहित 24 घंटे अलर्ट मोड में काम करते हुए गांवों में मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। चौकीदारों को भी 24 घंटे अलर्ट रहते हुए पहरेदारी और मुनादी करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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उपायुक्त ने कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए जिन्हें बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने का पूर्व अनुभव हो ताकि स्थिति को जल्द से जल्द कंट्रोल किया जा सके और लोगों को बचाव व राहत पहुंचाई जा सके।

उपायुक्त ने कहा कि सोमवार रात्रि को ओखला बैराज से 60 हजार क्यूसेक व हथिनी कुंड बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की संभावना है। इससे यमुना निकट बसे निचले क्षेत्रों में पानी आने की संभावना है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस बात पर विशेष फोकस करें कि बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर हम बाढ़ को नियंत्रित करने और राहत व बचाव करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

ग्रामीणों समय रहते सुरक्षित जगहों पर पनाह लेने की अपील
उपायुक्त ने आह्वान किया कि यमुना नदी के किनारे बसे गांवों के नागरिकों को विशेषकर रात्रि के समय पूरी तरह सावधान और सतर्क रहना चाहिए। यमुना नदी के किनारे स्थित गांवों के ग्रामीण समय रहते जिला प्रशासन की ओर से चिन्हित की गई सुरक्षित जगहों पर पनाह ले लें और बाढ़ से बचाव के लिए चिन्हित जगहों पर ही रहें। ग्रामीण अधिक पानी या बाढ़ आने का इंतजार न करें बल्कि स्थिति के मद्देनजर जितनी जल्दी हो सके बाढ़ संभावित क्षेत्रों को पहले ही खाली कर सुरक्षित जगह पर आसरा ले लें।
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आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे अलर्ट मोड पर
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें और बाढ़ से बचाव को लेकर सभी आवश्यक इंतजाम जैसे नाव, लाइफ जैकेट, रस्सी, सुनिश्चित करें। एसडीआरएफ, एनसीसी व वालंटियर्स को अलर्ट मोड पर रहने के आदेश दिए गए हैं। गांव बसंतपुर में एसडीआरएफ को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी विषम परिस्थिति से निपटा जा सके। साथ ही जिला में आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है और सभी संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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