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Faridabad News: आईपीओ में निवेश के नाम पर 17.50 लाख की ठगी

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फरीदाबाद। सेक्टर-15ए निवासी करुण तलवार को एक सितंबर 2025 को व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से संदेश मिला। कॉलर ने खुद को एक पंजीकृत ब्रोकर कंपनी का प्रतिनिधि बताया और बिना डीमैट खाते के संस्थागत शेयर बाजार व आईपीओ में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। पीड़ित ने झांसे में आकर रिश्तेदारों से उधार लेकर और अपनी एफडी तोड़कर अलग-अलग तारीखों में कुल 17.50 लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर दिया। संवाद
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खाते से बिना अनुमति के 93 हजार गायब
एनआईटी निवासी धीरज ढींगरा 22 अप्रैल को अपने घर पर थे। जब वह अपने मोबाइल से किसी मित्र को पैसे ट्रांसफर करने लगे, तो स्क्रीन पर दैनिक सीमा समाप्त होने का संदेश आया। संदेह होने पर जब उन्होंने अपना बैंक खाता चेक किया, तो उनके खाते से उनकी बिना अनुमति के 93 हजार रुपये कटे हुए थे। पीड़ित को संदेह है कि उनका फोन हैक कर इस ठगी को अंजाम दिया गया। इसके अलावा अटाली गांव निवासी विनेश के खाते से भी बिना जानकारी के पैसे कट गए। विनेश के अनुसार, 29 अप्रैल को उनके ग्रामीण बैंक के खाते से अचानक 99 हजार रुपये कट गए। उन्होंने किसी भी व्यक्ति को कोई ओटीपी या बैंक की गुप्त जानकारी साझा नहीं की थी।
वर्क फ्रॉम होम के जाल में फंसकर गंवाए रुपये
बल्लभगढ़ के सेक्टर-3 निवासी मोनिका देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे इंस्टा पर घर बैठे काम करने का एक विज्ञापन मिला। उस पर क्लिक करने के बाद ठगों ने उनसे व्हाट्सएप और टेलीग्राम लिंक के जरिये संपर्क किया। शुरुआत में आरोपियों ने टास्क पूरा करने के बदले उन्हें 189 रुपये और 1100 रुपये का कमीशन देकर अपने विश्वास में लिया। अधिक मुनाफे के लालच में आकर मोनिका देवी ने 29 अप्रैल से 9 मई के बीच अलग-अलग किस्तों में 50,569 रुपये आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम वापस न मिलने पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
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लोन दिलाने के नाम पर 3.39 लाख ट्रांसफर कराए

बल्लभगढ़। बिजनेस लोन दिलाने के नाम पर जालसाज ने एक व्यक्ति से 3 लाख 39 हजार 100 रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना सेंट्रल ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसआरएस रेजिडेंसी सेक्टर-88 निवासी बिनोद कुमार सिंह ने मंगलवार को दी शिकायत में बताया कि 28 अप्रैल को उसके पास एक व्यक्ति का फोन आया था। आरोपी ने खुद को मनी व्यू लोन एप का सीए बताते हुए 15 लाख रुपये का बिजनेस लोन दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद ठग ने लोन मंजूर कराने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 3 लाख 39 हजार 100 रुपये जमा करवा लिए। रकम लेने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया, तब ठगी का अहसास हुआ। संवाद
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