फरीदाबाद। कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर विदेशों से लौटने वाले लोगों पर स्वास्थ्य विभाग ने नजरें जमाई हुई हैं। रविवार को विदेश से लौटने वाले 158 लोग की सूची स्वास्थ्य विभाग के पास आई है। इन लोगों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट का एक मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इसके चलते देश भर में विदेशों से लौटने वाले लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। पहले उनकी जांच एयरपोर्ट पर होती है और वहां पर रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें घर भेज दिया जाता है। उसके बाद संबंधित जिले का स्वास्थ्य विभाग उन्हें अपने सर्विलांस पर लेकर सात दिन तक क्वारंटाइन में रखेगा। 8वें दिन उनका फिर से टेस्ट किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विदेशों से लौटे 942 लोगों में से केवल 489 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने ट्रेस किया है और उन्हें सर्विलांस पर ले लिया है। जबकि 453 लोगों से संपर्क किया जा रहा है। लेकिन ये लोग जानकारी सांझा करने से कतरा रहे हैं। इनमें कुछ न अपने फोन नंबर बदल लिए तो कुछ न नंबर बंद कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनय गुप्ता ने साफ तौर पर कह चुके हैं कि यदि कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते हैं तो उनके खिलाफ कोविड-19 नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। वहीं, सिविल अस्पताल बीके की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सविता यादव ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की आशंका को देखते हुए सभी डॉक्टर और स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। डॉक्टर और स्टाफ को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा गया है, जिससे कि यदि कोरोना के गंभीर मरीज आते है तो उन्हें तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
कई बार नंबर बदलने व फोन न उठाने के कारण लोगों को ट्रेस करने में दिक्कत आती है। हमारी टीमें इस काम में लगी हुई हैं। विदेश से लौटने वाले सभी लोगों से अपील है कि वह स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। जिससे उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा सके। इससे संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। - डॉ. राम भगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी