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12 घंटे तक बंद रहे प्रदूषण मापक सेंसर

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12 घंटे तक बंद रहे प्रदूषण मापक सेंसर

फरीदाबाद। देश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल औद्योगिक नगरी में बुधवार को प्रदूषण मापक मशीन का कैलिब्रेशन किया गया। इस कारण करीब 12 घंटे तक प्रदूषण की माप नहीं हो सकी। दोपहर को मशीन शुरू हुई तो प्रदूषक पीएम 2.5 की मात्रा बेहद खतरनाक स्तर पर दर्ज की गई। हालांकि, अगले चार घंटे में इसकी मात्रा घट कर आधी से भी कम रह गई। मशीन कैलिब्रेट किए जाने के कारण बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक नहीं जारी किया गया।
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औद्योगिक नगरी में दिवाली से पहले से ही वायु प्रदूषण का स्तर काफी अधिक अंकित किया जा रहा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों ने इसे मशीनी खामी मानकर 28 अक्तूबर को कैलिब्रेशन कराया था। दिवाली के बाद दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। बारिश होने हवाएं चलने और फिर मौसम साफ होने से दिल्ली-एनसीआर के अन्य शहरों में वायु प्रदूषण की मात्रा तो काफी कम हो गई थी लेकिन औद्योगिक नगरी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 से 450 के बेहद खराब से गंभीर स्तर के बीच ही रहा। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारियों ने बुधवार रात प्रदूषण मापक मशीन का एक बार फिर कैलिब्रेशन करवाया। बुधवार रात 12 बजे से पहले शुरू हुई प्रक्रिया दोपहर बाद पूर्ण हुई। मशीन शुरू हुई तो हवा में प्रदूषक पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 की मात्रा 400 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर की गंभीर मात्रा दर्ज की। हालांकि, शाम पांच बजे तक इसकी मात्रा घटते हुए 293 और अंत में 183 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पहुंच गई। इस दौरान प्रदूषक ओजोन की मात्रा भी 134 माइक्रोग्राम दर्ज की गई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी विजय चौहान ने बताया कि कैलिब्रेशन के बाद मशीन सही परिणाम दे रही है, वायु प्रदूषण की मात्रा काफी कम हुई है, 24 घंटे का औसत आने के बाद ही वायु गुणवत्ता सूचकांक निर्धारित होगा।
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